कंगना रनौत ने पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, भारत की आर्थिक यात्रा और विकसित व आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य का जिक्र किया।
हाल ही में, करीना कपूर की फिल्म “दायरा” चर्चा में है, जिसमें वह पुलिस अफसर अजूनी का किरदार निभा रही है। फिल्म के प्रमोशनल कार्यक्रम में करीना ने फिल्मों में महिला पुलिस अधिकारियों को लेकर बनी धारणाओं पर खुलकर बात की। उनका कहना था कि हिंदी फिल्मों में महिला पुलिसकर्मी का किरदार अक्सर एक विशिष्ट ढांचे में दिखाया जाता है। उन्हें लगता है कि महिला पुलिस अफसरों को अक्सर “बुच” या मर्दाना अंदाज में दिखाया जाता है, लेकिन निर्देशक मेघना गुलजार ने “दायरा” में उनके किरदार को एक महिला की संवेदनशीलता और स्त्रीत्व के साथ प्रस्तुत करने की कोशिश की है। करीना ने कहा कि फिल्म में उनका किरदार अधिक चर्चा में है।
महिला पुलिस अफसरों की एक अलग छवि है
करीना ने कहा कि फिल्मों में पुलिसकर्मी की स्टीरियोटाइप छवि दी गई है। जब किसी महिला को पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया जाता है, तो उसके हाव-भाव, चलने के तरीके और पहनावे में मर्दाना अंदाज जोड़ दिया जाता है, खासकर जब वह पुलिस अधिकारी की तरह दिखती है। उनका कहना था कि ऐसी महिला पुलिसकर्मी को अक्सर बंदूक लेकर कार्रवाई करते हुए विशेष चाल के साथ देखा जाता है। Kareena ने कहा कि “दायरा” में मेघना गुलजार का प्रयास था कि इस स्थापित छवि से अलग एक महिला पुलिस अधिकारी को सामने लाया जाए।
अजूनी सख्त, महिला जैसी है, लेकिन “दायरा” में
करीना ने कहा कि अपने किरदार अजूनी में स्त्रीत्व है और वह पूरी तरह एक महिला की तरह है। वह मुस्कुराती हुई काम करती है, लिपस्टिक लगाती है, लेकिन इसके बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को लेकर दृढ़ है। करीना ने बताया कि मेघना गुलजार चाहती थीं कि फिल्म में एक ऐसी महिला पुलिस अधिकारी दिखाई जाए जो अपने व्यक्तित्व को मर्दाना बनाए बिना भी मजबूत और दृढ़ नजर आए। यही बात है जो अजूनी के किरदार को आम पुलिस किरदार से अलग बनाता है।
फिल्म में अजूनी के किरदार के जरिए यह दिखाने की कोशिश की गई है कि किसी महिला की पेशेवर शक्ति को उसके व्यक्तित्व या स्त्रीत्व से अलग करके नहीं देखना चाहिए। करीना ने कहा कि मेघना का किरदार यही था।
प्रिथ्वीराज सुकुमारन का चरित्र नैतिक विवाद
‘दायरा’ में करीना कपूर के अजूनी और प्रिथ्वीराज सुकुमारन के किरदार रमन के बीच एक धार्मिक संघर्ष है। करीना ने माना कि अजूनी का किरदार निभाना उनके लिए मुश्किल था क्योंकि पूरी फिल्म में एक तरह का मानसिक और आत्मिक संघर्ष चलता है। उनका कहना था कि किरदार को अपनी राह पर बनाए रखना मुश्किल था।
करीना ने फिल्म के किरदार और अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण के बीच अंतर भी बताया। एक व्यक्ति के रूप में, उन्होंने कहा कि वह जिंदगी को ब्लैक एंड व्हाइट तरीके से देखना पसंद करती हैं और खुद को सही रास्ते पर चलने वाला मानती हैं। लेकिन फिल्म जगत काला है। ‘दायरा’ की कहानी और चरित्रों को यही ग्रे एरिया बनाता है।
Kareena को उत्पादन या निर्देशन में भाग नहीं लेना चाहिए।
इवेंट में करीना कपूर से कैमरे के पीछे काम करने की संभावनाओं को लेकर भी सवाल किया गया। अभिनेत्री ने ऐसे अनुमानों को खारिज करते हुए कहा कि उनका ध्यान फिलहाल अभिनय पर है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभिनय पसंद है और वह कई किरदार निभाना चाहती है। उनका कहना है कि फिलहाल उन्हें उत्पादन या निर्देशन में कोई खास दिलचस्पी नहीं है।
Kareena ने कहा कि वह लगातार ऐसे किरदारों और कहानियों की खोज करती है जो उनके लिए दिलचस्प हों। यही कारण है कि वह विभिन्न किरदारों को चुनने की कोशिश करती हैं और अभिनय को अपने काम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानती हैं।
मिली-जुली प्रतिक्रिया
दर्शकों और समीक्षकों में भी “दायरा” पर बहस देखने को मिल रही है। फिल्म की कहानी और विषय पर कई विचार आए हैं। News18 ने फिल्म को पांच में से तीन स्टार दिए। समीक्षा ने करीना कपूर के अभिनय की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अजूनी के किरदार को उपलब्ध सामग्री के साथ बेहतरीन ढंग से निभाया है, लेकिन रमन की तुलना में उनके किरदार को लेखन में उतना स्थान नहीं मिला।
साथ ही समीक्षा ने बताया कि फिल्म में रमन के किरदार पर अधिक ध्यान दिया गया, जबकि अजूनी के चरित्र को उतनी समझ नहीं दी गई थी। इससे दोनों प्रमुख किरदारों के बीच लेखन का संतुलन प्रभावित होता है। फिर भी, करीना का अभिनय फिल्म की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक था।
अलग तरह की महिला पुलिस की छवि प्रस्तुत करने का प्रयास
‘दायरा’ में करीना कपूर का अजूनी वाला किरदार आम फिल्मी महिला पुलिस अफसरों की छवि से अलग दिखता है। Kareena ने कहा कि मेघना गुलजार की कोशिश एक ऐसी महिला पुलिस अधिकारी को दिखाने की रही, जो संवेदनशील भी है और अपने काम पर अडिग भी है। वह स्त्री होने के बावजूद एक शक्तिशाली नेता बन सकती है।
Kareena कहती है कि वह लगातार ऐसे किरदारों की तलाश में रहती है जो उन्हें अभिनय में कुछ नया करने का मौका दें। दायरा में अजूनी का किरदार भी उनके लिए ऐसा ही है, जहां वे एक पुलिस अधिकारी की निजी नैतिकता और पेशेवर कर्तव्य के बीच संघर्ष देखते हैं। फिल्मी कहानी इसी जटिलता से दर्शकों को कई प्रश्न पूछने की कोशिश करती है।