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कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’ का ट्रेलर रिलीज: कोरोना योद्धाओं के साहस की कहानी, 12 जून को होगी रिलीज
बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी (हिमाचल प्रदेश) से सांसद कंगना रनौत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ का ट्रेलर हाल ही में जारी किया गया है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित एक ऐसी कहानी है, जो दर्शकों को भावुक कर देने के साथ-साथ गर्व से भर देती है। आमतौर पर फिल्मों में बड़े-बड़े नायकों और उनकी शौर्य गाथाओं को दिखाया जाता है, लेकिन ‘भारत भाग्य विधाता’ की कहानी उन ‘खामोश नायकों’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने संकट की घड़ी में राष्ट्र की रीढ़ बनकर काम किया। इनमें अस्पताल के नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड, लिफ्ट ऑपरेटर और प्रशासनिक कर्मचारी शामिल हैं।
अस्पताल की दीवारों के भीतर छिपा साहस
फिल्म की कहानी मुख्य रूप से एक अस्पताल के भीतर सेट है। ट्रेलर में बाहर की अराजकता और अस्पताल के अंदर के साहस के बीच एक जबरदस्त विरोधाभास दिखाया गया है। जब पूरा शहर भय और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था, तब ये स्वास्थ्य कार्यकर्ता और अस्पताल का स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य पर डटे रहे। फिल्म का यह पहलू समाज के उस अनदेखे हिस्से को सलाम करता है, जिसे हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन संकट के समय वही हमारे असली रक्षक बनकर उभरते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित शीर्षक
ट्रेलर लॉन्च के दौरान कंगना रनौत ने फिल्म के शीर्षक ‘भारत भाग्य विधाता’ के पीछे की प्रेरणा साझा की। उन्होंने बताया कि यह नाम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया है। कंगना ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में हमारे देश के श्रमिक वर्ग को ‘भारत भाग्य विधाता’ का संबोधन दिया था। उन्होंने जिस तरह से ‘विकलांग’ को ‘दिव्यांगजन’, विधवाओं के लिए ‘कल्याणी योजना’ और हाथों से काम करने वाले श्रमिकों को ‘विश्वकर्मा’ जैसे सम्मानजनक नाम दिए, वह बेहद प्रेरणादायक है। उन्होंने हमारे मजदूरों को जो पहचान दी, वह दिल को छू लेने वाली है। इसीलिए हम अपनी फिल्म के लिए यही शीर्षक रखना चाहते थे।”
जब कंगना से पूछा गया कि क्या वह चाहती हैं कि प्रधानमंत्री इस फिल्म को देखें, तो उन्होंने कहा, “यह कहानी हर उस भारतीय की है जिसे हम जानते हैं या नहीं। यदि इस शीर्षक को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिल्म देखने का निर्णय लेते हैं, तो यह पूरे देश के लिए एक बहुत बड़ा संदेश होगा।”
एक शक्तिशाली कलाकारों की टीम
‘भारत भाग्य विधाता’ में कंगना रनौत के साथ कलाकारों की एक लंबी और प्रभावशाली सूची है। इसमें गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेरड़े, आशा शेलार, सुहिता थत्ते, रसिका अघासे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे मंझे हुए कलाकार शामिल हैं। फिल्म का प्रत्येक पात्र उन लोगों का प्रतिनिधित्व करता है जो समाज की अदृश्य रीढ़ हैं। इन सभी कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से उन मुश्किल दिनों के संघर्ष और जज्बे को जीवंत करने का प्रयास किया है।
फिल्म निर्माण और रिलीज की तैयारी
इस फिल्म को डॉ. जयंतीलाल गडा (पेन स्टूडियोज) द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है। फिल्म का निर्माण पेन स्टूडियोज, मणिकर्णिका फिल्म्स और परमहंस क्रिएशन्स द्वारा किया गया है, जिसमें यूनीया फिल्म्स एलएलपी और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड का भी सहयोग है। फिल्म की रिलीज को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता है, जो 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है।
सम्मान की एक नई गाथा
कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’ केवल एक व्यावसायिक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन गुमनाम नायकों को दिया गया एक सम्मान है जो अक्सर पर्दे के पीछे रह जाते हैं। यह फिल्म हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि किसी भी देश की वास्तविक शक्ति उसके उन छोटे-छोटे कर्मचारियों में निहित है जो निस्वार्थ भाव से अपना काम करते हैं। कंगना रनौत, जो खुद एक सांसद के रूप में देश की सेवा कर रही हैं, का इस विषय का चयन करना यह दर्शाता है कि वे सिनेमा के माध्यम से सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 12 जून को यह फिल्म न केवल दर्शकों का मनोरंजन करेगी, बल्कि हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति कृतज्ञता की एक नई लहर भी पैदा करेगी।