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पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज करसन घावरी ने जसप्रीत बुमराह को 5-6 महीने या एक साल का ब्रेक लेकर पूरी तरह फिट होने की सलाह दी है। उन्होंने मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी पर भी जोर दिया।
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पिछले कुछ वर्षों से लगातार चोटों से जूझ रहे हैं। टीम प्रबंधन उनकी फिटनेस और वर्कलोड को लेकर काफी सतर्क रहा है। कई द्विपक्षीय सीरीज और विदेशी दौरों से उन्हें आराम भी दिया गया ताकि वह बड़े टूर्नामेंटों और अहम टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह फिट रह सकें। इसके बावजूद बुमराह बार-बार चोटिल हो रहे हैं, जिससे उनकी फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच भारत के पूर्व तेज गेंदबाज करसन घावरी ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बुमराह को जल्दबाजी में मैदान पर लौटने के बजाय लंबा ब्रेक लेना चाहिए। उनका मानना है कि यदि बुमराह पूरी तरह फिट होकर वापसी करते हैं, तभी भारतीय टीम को उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
बार-बार चोटिल हो रहे हैं जसप्रीत बुमराह
भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल जसप्रीत बुमराह ने पिछले महीने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी की थी। हालांकि दूसरे वनडे मैच में उन्हें चोट लग गई, जिसके बाद वह श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए।
यह पहली बार नहीं है जब चोट के कारण बुमराह को लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा हो। इससे पहले भी वह कई बड़े टूर्नामेंट और महत्वपूर्ण सीरीज चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। लगातार आने वाली फिटनेस समस्याओं ने टीम इंडिया के लिए भी चिंता बढ़ा दी है।
वर्कलोड मैनेजमेंट के बावजूद नहीं मिल रहा फायदा
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम मैनेजमेंट लंबे समय से बुमराह के वर्कलोड को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें कई द्विपक्षीय सीरीज में आराम दिया गया ताकि बड़े मुकाबलों के लिए उनकी फिटनेस बनी रहे।
लेकिन इसके बावजूद उनकी चोटों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मैचों से आराम देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी रिकवरी और फिटनेस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
करसन घावरी ने दी लंबा ब्रेक लेने की सलाह
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज करसन घावरी का मानना है कि बुमराह को जल्द वापसी करने के बजाय कम से कम पांच से छह महीने या जरूरत पड़े तो एक साल तक क्रिकेट से दूर रहकर पूरी तरह फिट होना चाहिए।
घावरी के अनुसार, बुमराह कई बार पूरी तरह फिट हुए बिना ही बड़े टूर्नामेंट खेलने उतर जाते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि टूर्नामेंट के बीच में उनका शरीर जवाब दे देता है और टीम को बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपना वर्कलोड संभालने की स्थिति में नहीं है, तो उसे टीम में शामिल करने से बचना चाहिए।
‘आधी फिटनेस के साथ खेलने से नहीं होगा फायदा’
करसन घावरी का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी के लिए आधी-अधूरी फिटनेस के साथ मैदान पर उतरना सही रणनीति नहीं है। इससे खिलाड़ी की चोट और गंभीर हो सकती है और उसका करियर भी प्रभावित हो सकता है।
उनका मानना है कि बुमराह जैसे महत्वपूर्ण गेंदबाज के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वह पहले पूरी तरह स्वस्थ हों और उसके बाद ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी करें।
शमी और भुवनेश्वर की वापसी की वकालत
करसन घावरी ने केवल बुमराह की फिटनेस पर ही बात नहीं की, बल्कि भारतीय टीम के लिए अनुभवी तेज गेंदबाजों मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार की वापसी की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि दोनों गेंदबाज लगातार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में खेल रहे हैं और बिना किसी बड़ी चोट के अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं को उन्हें दोबारा राष्ट्रीय टीम में मौका देने पर विचार करना चाहिए।
घावरी का मानना है कि अनुभवी गेंदबाजों की मौजूदगी से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती मिलेगी और युवा खिलाड़ियों पर दबाव भी कम होगा।
बुमराह भारतीय गेंदबाजी की सबसे बड़ी ताकत
जसप्रीत बुमराह मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में गिने जाते हैं। टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों प्रारूपों में उन्होंने भारत के लिए कई यादगार प्रदर्शन किए हैं।
उनकी सटीक यॉर्कर, नई और पुरानी गेंद से स्विंग कराने की क्षमता तथा दबाव में विकेट लेने का हुनर उन्हें बाकी गेंदबाजों से अलग बनाता है। यही वजह है कि जब भी वह चोटिल होते हैं, भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी कमजोर नजर आती है।
चयनकर्ताओं के सामने बड़ी चुनौती
बुमराह की लगातार चोटों ने भारतीय चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। एक ओर वह टीम के सबसे अहम गेंदबाज हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी फिटनेस को लेकर लगातार जोखिम बना रहता है।
ऐसे में टीम प्रबंधन को यह तय करना होगा कि उन्हें सीमित मैच खिलाकर फिट रखा जाए या फिर लंबा ब्रेक देकर पूरी तरह स्वस्थ होने का मौका दिया जाए। साथ ही, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वर कुमार और अन्य तेज गेंदबाजों को भी तैयार रखना होगा ताकि किसी एक खिलाड़ी पर अत्यधिक निर्भरता कम की जा सके।
फिटनेस ही होगी सबसे बड़ी प्राथमिकता
करसन घावरी की सलाह इस बात की ओर इशारा करती है कि जसप्रीत बुमराह जैसे मैच विनर खिलाड़ी के लिए जल्दबाजी में वापसी करने से बेहतर है कि वह पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौटें। यदि वह बिना किसी चोट के लंबे समय तक खेलते हैं, तो भारतीय टीम को भविष्य के बड़े आईसीसी टूर्नामेंटों और टेस्ट सीरीज में उनका भरपूर लाभ मिलेगा। फिलहाल क्रिकेट प्रेमियों की नजर इस बात पर रहेगी कि टीम प्रबंधन और चयनकर्ता बुमराह की फिटनेस को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाते हैं।