जनवरी 2026 में षटतिला और जया एकादशी की तारीख, पूजा मुहूर्त और व्रत विधि जानें। एकादशी का महत्व, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक लाभ, सभी जानकारी एक जगह।
जनवरी एकादशी 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि तथा आध्यात्मिक शांति आती है। शास्त्रों के अनुसार, जो लोग भगवान विष्णु की भक्ति में एकादशी व्रत रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं, उन्हें कई वर्षों की तपस्या का पुण्य मिलता है।
जनवरी 2026 में दो प्रमुख एकादशी व्रत हैं – षटतिला एकादशी और जया एकादशी। आइए जानें इनकी तिथियाँ, पूजा मुहूर्त और महत्व:
षटतिला एकादशी – 14 जनवरी 2026
षटतिला एकादशी मकर संक्रांति के दिन पड़ती है और इस दिन तिल का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन तिल का छह तरह से उपयोग किया जाता है – स्नान, उबटन, हवन, जल में मिलाकर सेवन, भोजन और दान।
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तिथि: 13 जनवरी, दोपहर 3:17 बजे से 14 जनवरी 2026, शाम 5:52 बजे तक
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पूजा मुहूर्त: सुबह 7:15 – सुबह 9:53
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व्रत पारण समय: सुबह 7:15 – सुबह 9:21, 15 जनवरी
षटतिला एकादशी का व्रत करने से जीवन में समृद्धि आती है और स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी प्राप्त होते हैं।
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जया एकादशी – 29 जनवरी 2026
जया एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने पर व्यक्ति को नकारात्मक शक्तियों जैसे भूत, प्रेत और पिशाच से मुक्ति मिलती है। इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।
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तिथि: 28 जनवरी, शाम 4:35 – 29 जनवरी 2026, दोपहर 1:55
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पूजा मुहूर्त: सुबह 7:11 – सुबह 9:32
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व्रत पारण समय: सुबह 7:20 – सुबह 9:20, 30 जनवरी
जनवरी की इन एकादशी का पालन करने से धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
एकादशी का महत्व
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि सभी व्रतों में एकादशी व्रत श्रेष्ठ है। जैसे नागों में शेषनाग, पक्षियों में गरुड़ और यज्ञों में अश्वमेध श्रेष्ठ है, वैसे ही व्रतों में एकादशी का व्रत श्रेष्ठ माना जाता है।
जनवरी 2026 में षटतिला और जया एकादशी का व्रत कर आप अपने जीवन में आध्यात्मिक शांति और समृद्धि ला सकते हैं।