जंगपुरा में पार्कों की दुर्दशा से स्थानीय लोग परेशान। विधायक कार्यालय के पास होने के बावजूद सफाई और मेंटेनेंस पर प्रशासन की चुप्पी।
दिल्ली के पॉश इलाकों में शुमार जंगपुरा (Jangpura) में पार्कों की दुर्दशा ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। जहाँ एक ओर शहर के विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जंगपुरा के पॉश इलाकों में स्थित पार्क अपनी बदहाली के आंसू रो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्कों के रखरखाव की जिम्मेदारी PWD और नगर निगम की है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण अब जनता को खुद ही साफ-सफाई और मेंटेनेंस का काम संभालना पड़ रहा है।
’50 कदम दूर विधायक, पर कोई सुनवाई नहीं’
50 कदम पर बीजेपी विधायक, लेकिन आँखें बंद…
PWD का काम हमें करना पड़ रहा है। ये जंगपुरा का सबसे पॉश इलाका है। यहाँ पार्क का कोई maintenance नहीं है। विधायक कोई काम नहीं कर रहे। क्या उनको ये हाल दिखाई नहीं दे रहा?@SarikaSamar pic.twitter.com/FMbCwQgRPQ
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 12, 2026
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र के विधायक का कार्यालय महज 50 कदम की दूरी पर है, लेकिन उनकी ‘आंखें बंद’ हैं। निवासियों के अनुसार, पार्क में घास की कटाई से लेकर कचरा प्रबंधन तक, सब कुछ भगवान भरोसे है। “हम अपने बच्चों को खेलने के लिए कहाँ ले जाएं? पार्कों में गंदगी और टूटे हुए झूले बच्चों के लिए खतरा बन गए हैं,” एक स्थानीय निवासी ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा।
प्रशासनिक सुस्ती का दंश
बता दें कि जंगपुरा में करोड़ों की लागत से बना ‘पेट पार्क’ (Pet Park) भी बीते दो साल से प्रशासनिक देरी और ऑपरेटर न मिल पाने के कारण बंद पड़ा है। जब इतने बड़े प्रोजेक्ट्स का यह हाल है, तो स्थानीय पार्कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। लोगों का कहना है कि विधायक और संबंधित अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हुए हैं।
जनता की मांग: जल्द हो समाधान
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पार्कों के रखरखाव और सौंदर्यीकरण का काम शुरू नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। जनता का सीधा सवाल है कि यदि ‘पॉश’ इलाकों का यह हाल है, तो बाकी दिल्ली की क्या स्थिति होगी?