जयपुर में शुरू हुआ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026, सीएम भजनलाल शर्मा ने किया उद्घाटन

जयपुर में शुरू हुआ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026, सीएम भजनलाल शर्मा ने किया उद्घाटन

जयपुर में शुरू हुआ जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026, जिसमें 500 से अधिक लेखक और 43 देशों के वक्ता हिस्सा ले रहे हैं। 15-19 जनवरी तक साहित्य, कला, विज्ञान और संस्कृति पर विचारों का महापर्व।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज से दुनिया के सबसे बड़े साहित्यिक कार्यक्रम जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 का 19वां संस्करण शुरू हो गया। यह आयोजन 15 से 19 जनवरी 2026 तक होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में लेखक, विचारक, कला-साहित्य विशेषज्ञ और पाठक एक साथ मिलकर विचारों और संस्कृति के विविध पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

JLF 2026 का उद्देश्य

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल केवल किताबों और लेखकों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह विचारों, संस्कृति और संवाद का खुला मंच प्रदान करता है। कार्यक्रम में साहित्य, कला, इतिहास, विज्ञान, समाज और वैश्विक मुद्दों पर गहन विमर्श किया जाएगा।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इस फेस्टिवल में लेखक और साहित्यकार ऐसे विषयों पर ध्यान दें जो युवा पीढ़ी को प्रेरित करें और उन्हें अपने इतिहास तथा संस्कृति पर गर्व महसूस कराएँ।

देश-विदेश के लेखक और वक्ता

इस साल JLF 2026 में लगभग 500 वक्ता और 266 सत्र होंगे, जिनमें भारत सहित 43 देशों के लेखक और विचारक शामिल होंगे। विशेष रूप से, नोबेल पुरस्कार विजेता, पुलित्जर पुरस्कार विजेता और कई प्रतिष्ठित लेखक-विचारक भी इस महोत्सव में अपनी बात रखेंगे।

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साहित्य से लेकर विज्ञान तक, विषयों की विविधता

इस बार के फेस्टिवल में विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा होगी, जिसमें शामिल हैं:

  • कविता, कथा, इतिहास और नाटक

  • भाषा, अनुवाद, संस्कृति और पहचान (IDENTITY)

  • विज्ञान, तकनीक और वैश्विक मुद्दे

  • कविता, संगीत और मौलिक साहित्य की प्रस्तुति

  • नई पुस्तकों का विमोचन और चर्चा सत्र

यह आयोजन केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों और संवाद का मंच बनकर उभरता है, जहां ज्ञान और सीख का उत्साह बढ़ता है।

युवा वर्ग के लिए प्रेरणा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जोर दिया कि युवा पीढ़ी के लिए ऐसे साहित्य का निर्माण किया जाना चाहिए जो उन्हें सकारात्मक सोच, संस्कृति और समाज की समझ प्रदान करे। आज के युवा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गहन विचार और मूल्यपूर्ण साहित्य को अपनाने के इच्छुक हैं।

सामाजिक और आर्थिक महत्व

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल जैसे आयोजन सांस्कृतिक मजबूती के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यह पर्यटन, स्थानीय व्यवसाय और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है, जिससे शहर और राज्य दोनों को लाभ होता है।

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