IT शेयरों में जोरदार हलचल: पहली तिमाही के नतीजों के बाद टेक महिंद्रा का मुनाफा 28.4% उछला, विप्रो के कमजोर गाइडेंस से फिसला शेयर

IT शेयरों में जोरदार हलचल: पहली तिमाही के नतीजों के बाद टेक महिंद्रा का मुनाफा 28.4% उछला, विप्रो के कमजोर गाइडेंस से फिसला शेयर

 

जून तिमाही के नतीजों के बाद आईटी सेक्टर के शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। टेक महिंद्रा का शुद्ध लाभ 28.4% बढ़कर ₹1,465 करोड़ रहा, जबकि विप्रो के मार्जिन और गाइडेंस ने निराश किया।

चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (June-Quarter) के नतीजों के ताजा दौर के बाद घरेलू शेयर बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कंपनियों के शेयरों में व्यापक रूप से तेजी का रुख देखा गया। निवेशकों ने उन आईटी कंपनियों को हाथों-हाथ लिया और पुरस्कृत किया जिन्होंने उम्मीद से बेहतर विकास दर और मुनाफा दर्ज किया, जबकि मार्जिन और भविष्य के गाइडेंस के मोर्चे पर निराश करने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी आईटी (Nifty IT) इंडेक्स 1.33 फीसदी की मजबूती के साथ 29,103.50 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। लार्ज-कैप आईटी दिग्गजों में टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, इंफोसिस, टीसीएस, परसिस्टेंट सिस्टम्स और पीबी फिनटेक के शेयरों में 2.87 प्रतिशत तक की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। इसके विपरीत, अपने तिमाही नतीजों से निराश करने वाली विप्रो का शेयर 1.75 प्रतिशत तक फिसल गया, जबकि एलटीआईमाइंडट्री के शेयरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।

टेक महिंद्रा का मुनाफा 28.4% उछला: क्यों ब्रोकरेज फर्म्स जता रही हैं भरोसा

टेक महिंद्रा ने जून तिमाही के लिए अपने समेकित शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) में 28.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर 1,465 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही कंपनी प्रबंधन ने आने वाले समय में डिमांड के माहौल को लेकर मजबूत भरोसा जताया है। कंपनी ने तिमाही आधार पर (QoQ) 2.6% की कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ और 14.4% का ईबीआईटी (EBIT) मार्जिन हासिल किया है, जो विश्लेषकों के अनुमान से कहीं बेहतर है।

इस शानदार प्रदर्शन के बाद दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल (JM Financial) ने कहा कि टेक महिंद्रा विकास और लाभप्रदता दोनों मोर्चे पर बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह कंपनी वित्त वर्ष 2027 में लार्ज-टियर आईटी कंपनियों के बीच सबसे बड़ी ग्रोथ लीडर बनकर उभरेगी। जेएम फाइनेंशियल ने इस शेयर पर अपनी ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस 1,525 रुपये से बढ़ाकर 1,670 रुपये कर दिया है। वहीं, घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) इस शेयर को लेकर और भी ज्यादा उत्साहित नजर आ रही है। मोतीलाल ओसवाल ने टेक महिंद्रा पर ‘Buy’ रेटिंग के साथ 1,900 रुपये का बड़ा टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 26% की भारी बढ़त का संकेत देता है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी बेहद मजबूत है।

विप्रो के कमजोर मार्जिन और धुंधले गाइडेंस से निवेशक निराश

दूसरी तरफ, विप्रो (Wipro) के शेयर लगातार दबाव में नजर आ रहे हैं। कंपनी ने पहली तिमाही में उम्मीद से कमजोर मार्जिन दर्ज किया है और सितंबर तिमाही (Q2) के लिए बेहद सुस्त रेवेन्यू आउटलुक पेश किया है। हालांकि पहली तिमाही में विप्रो का रेवेन्यू मोटे तौर पर बाजार के अनुमानों के मुताबिक ही रहा, लेकिन कंपनी का आईटी सर्विसेज EBIT मार्जिन घटकर 16% पर आ गया, जो दलाल स्ट्रीट की उम्मीदों से काफी कम है। विश्लेषकों के अनुसार, कर्मचारियों की वेतन वृद्धि (Wage Hikes), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़े निवेश और बड़ी डील्स को शुरू करने में आने वाली लागत (Ramp-up costs) के चलते विप्रो के मार्जिन पर यह प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके अलावा, कंपनी ने चालू तिमाही में राजस्व में -1.5% से +0.5% की मामूली ग्रोथ का अनुमान लगाया है, जो मांग को लेकर बाजार में बनी अनिश्चितता की पुष्टि करता है।

जेएम फाइनेंशियल ने विप्रो पर दिया ‘Reduce’ का टैग

विप्रो के इस निराशाजनक प्रदर्शन और तिमाही आधार पर शुद्ध आय में 4.7 प्रतिशत की गिरावट के बाद जेएम फाइनेंशियल ने इस शेयर पर अपनी ‘Reduce’ (घटाने की) रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म ने विप्रो के लिए महज 160 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यम अवधि में 17% से 17.5% का मार्जिन हासिल करने की कंपनी की आकांक्षाओं के बावजूद, विप्रो विकास की दौड़ में अपने प्रतिद्वंद्वी साथियों (Peers) की तुलना में लगातार पिछड़ रही है। यही वजह है कि इस समय बाजार के बड़े निवेशक और ब्रोकरेज घराने विप्रो के मुकाबले टेक महिंद्रा पर दांव लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले हफ्तों में शेष आईटी कंपनियों के नतीजे इस सेक्टोरल रैली को क्या नया मोड़ देते हैं।

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