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सनराइजर्स हैदराबाद के कार्यवाहक कप्तान ईशान किशन ने गेंदबाजों के साथ बेहतर संवाद के लिए विकेटकीपिंग छोड़ने का फैसला किया है। जानिए साकिब हुसैन और प्रफुल्ल हिंगे के प्रदर्शन पर क्या बोले किशन।
सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए आईपीएल 2026 की शुरुआत उतार-चढ़ाव भरी रही है, लेकिन राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ मिली हालिया जीत ने टीम में नया जोश भर दिया है। कार्यवाहक कप्तान ईशान किशन ने न केवल बल्ले से धमाका किया, बल्कि कप्तानी के मोर्चे पर भी एक बड़ा फैसला लिया है।
सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 में अब तक 5 मैच खेले हैं, जिनमें से उन्हें 2 में जीत और 3 में हार का सामना करना पड़ा है। टूर्नामेंट के पहले मैच में आरसीबी (RCB) के खिलाफ 200 से ज्यादा रन बनाने के बावजूद मिली हार के बाद टीम ने केकेआर (KKR) को हराकर वापसी की थी, लेकिन फिर लखनऊ और पंजाब के खिलाफ लगातार दो हार ने उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया था।
हालांकि, सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम ने पासा पलट दिया और मेजबान टीम ने 57 रनों की धमाकेदार जीत दर्ज की।
ईशान किशन का मास्टरस्ट्रोक: कप्तानी के लिए बड़ा बलिदान
नियमित कप्तान पैट कमिंस की चोट के बाद टीम की कमान संभाल रहे ईशान किशन ने राजस्थान के खिलाफ खुद विकेटकीपिंग नहीं की। उनकी जगह सलिल अरोड़ा ने दस्ताने संभाले। मैच के बाद किशन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गेंदबाजों से बेहतर संवाद (communication) करने के लिए यह फैसला लिया।
ईशान ने बताया:
“एक कप्तान के रूप में मुझे लगा कि मैदान पर कुछ गलतफहमी (miscommunication) हो रही थी। जब आप पीछे (विकेट के पीछे) होते हैं, तो आप गेंदबाजों के साथ अपनी योजनाओं पर ठीक से चर्चा नहीं कर पाते। इसलिए बेहतर था कि मैं उनके पास रहूं और चर्चा करूं कि वे क्या गेंदबाजी करने वाले हैं ताकि फील्डिंग भी उसी के अनुसार सजाई जा सके। यह योजना हमारे लिए काफी कारगर रही।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या भविष्य में भी वह फील्डिंग ही करेंगे, तो किशन ने कहा, “उम्मीद है, हाँ।”
युवा गेंदबाजों की ‘भूख’ और वरुण आरोन का मार्गदर्शन
ईशान किशन ने जीत के बाद टीम के युवा गेंदबाजों, खासकर डेब्यू करने वाले प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की जमकर तारीफ की। साकिब ने अपने पहले ही मैच में 4 विकेट लेकर सनसनी फैला दी।
किशन ने टीम के सपोर्ट स्टाफ और कोचों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा:
- सीखने की ललक: “आपको यह देखना होगा कि आपके युवा गेंदबाज कितने भूखे और प्रेरित हैं। वे पूरे सीजन कड़ी मेहनत कर रहे थे।”
- कोचिंग स्टाफ का योगदान: “वे हमारे गेंदबाजी कोच वरुण आरोन के साथ लगातार काम कर रहे थे। वे अनुभवी खिलाड़ियों से बात कर रहे थे और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश कर रहे थे।”
- सही समय पर मौका: “अभ्यास मैचों में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था, इसलिए हमें लगा कि अपने घरेलू मैदान पर उन्हें मौका देने का यह सही समय था और यह फैसला सही साबित हुआ।”