ईशा अंबानी का नवरात्रि लुक इन दिनों चर्चा में है। करण तोरानी के डिजाइन किए मल्टीकलर लहंगे पर राधा-कृष्ण की रासलीला और पारंपरिक भारतीय कलाओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली। जानें इस खास लहंगे की विशेषताएं।
व्रत-त्योहारों को भव्य अंदाज में मनाने के लिए अंबानी परिवार हमेशा चर्चा में रहता है। गणेश उत्सव हो या नवरात्रि, परिवार के हर सदस्य का पारंपरिक अंदाज लोगों का ध्यान खींचता है। इस बार भी नवरात्रि के मौके पर और स्वदेश के एक साल पूरे होने के जश्न में अंबानी परिवार शानदार एथनिक लुक में नजर आया। हालांकि, इन सभी के बीच ईशा अंबानी के खास लहंगे ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। रंग-बिरंगे डिजाइन, पारंपरिक भारतीय कलाओं और बारीक कारीगरी से सजा यह लहंगा भारतीय संस्कृति और शिल्पकला की खूबसूरत झलक पेश करता है। फैशन डिजाइनर करण तोरानी ने इस खास आउटफिट को तैयार किया है। इसकी खासियत सिर्फ इसका रंग और डिजाइन नहीं, बल्कि इसे बनाने में लगी लंबी मेहनत और कारीगरों का हुनर भी है।
2,000 घंटे से ज्यादा की मेहनत से तैयार हुआ लहंगा
ईशा अंबानी का यह खूबसूरत लहंगा किसी साधारण डिजाइनर आउटफिट से कहीं ज्यादा खास है। इसे तैयार करने में करीब 10 कारीगरों ने मिलकर काम किया। लहंगे पर बनाई गई पेंटिंग को पूरा करने में 90 दिनों से अधिक का समय लगा, जबकि पूरे परिधान को तैयार करने में 2,000 घंटे से ज्यादा की कारीगरी की गई। करण तोरानी ने स्वदेश के साथ मिलकर ईशा के इस खास नवरात्रि लुक को तैयार किया। इसमें पारंपरिक भारतीय कला, बारीक हाथ के काम और आधुनिक फैशन का ऐसा मेल दिखाई देता है, जो इसे बेहद आकर्षक बनाता है। लहंगे की हर कली, चोली और दुपट्टे पर की गई कारीगरी इसकी खूबसूरती को और बढ़ाती है।
लहंगे पर उकेरी गई राधा-कृष्ण की रासलीला
ईशा अंबानी के लहंगे की सबसे खास बात इस पर दिखाई गई राधा-कृष्ण की रासलीला है। पूरे परिधान पर धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ी कलात्मक आकृतियां उकेरी गई हैं। प्योर सिल्क पर तैयार इस डिजाइन में कलमकारी और ओडिशा की पारंपरिक पट्टचित्र कला का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है। इन कलाओं के जरिए भारतीय पौराणिक कथाओं और परंपराओं को कपड़े पर जीवंत रूप देने की कोशिश की गई है।
लहंगे पर बनी पेंटिंग के आसपास जर्दोजी, फ्रेंच नॉट्स, मोतियों, शीशे और आकर्षक लटकनों का काम किया गया है। इन बारीकियों के कारण आउटफिट में रंगों और बनावट का शानदार संतुलन दिखाई देता है। हाथ से किए गए काम में कारीगरों की मेहनत और उनकी कलात्मक समझ साफ झलकती है। यह लहंगा सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक शिल्पकला को सम्मान देने वाला खास परिधान भी है।
नवरात्रि की भक्ति, गरबा और देवी शक्ति से प्रेरित डिजाइन
करण तोरानी ने इस लहंगे के जरिए नवरात्रि के उत्साह और आध्यात्मिक भावनाओं को भी दिखाने की कोशिश की है। नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा की आराधना, शक्ति और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य उत्सव की रौनक बढ़ाते हैं। लहंगे के डिजाइन में गरबा की लय, सामूहिक नृत्य की ऊर्जा और देवी के कोमल लेकिन शक्तिशाली स्वरूप को दर्शाने का प्रयास किया गया है।
राधा-कृष्ण की रासलीला और पारंपरिक कला के चित्र इस परिधान को धार्मिक और सांस्कृतिक रंग देते हैं। वहीं, चमकदार कढ़ाई और रंगीन डिजाइन इसे उत्सवी लुक प्रदान करते हैं। यही वजह है कि ईशा अंबानी का यह आउटफिट नवरात्रि के खास अवसर के लिए एक अनूठा फैशन विकल्प बनकर सामने आया है।
करण तोरानी के कलेक्शन की प्रशंसक हैं ईशा अंबानी
इस लहंगे के पीछे डिजाइनर करण तोरानी की एक व्यक्तिगत कहानी भी जुड़ी है। उनके मुताबिक, साल 2018 में जब वह 25 साल के थे और एक छोटे से गैराज से अपने ब्रांड तोरानी को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे, तब ईशा अंबानी की नजर उनके प्रिंटेड कुर्ते पर पड़ी थी। यह उनके लिए एक यादगार पल था। समय के साथ उनके डिजाइन और ब्रांड ने पहचान बनाई। अब ईशा के लिए तैयार किए गए इस खास परिधान के जरिए करण ने अपने काम, मेहनत और उस पुराने जुड़ाव को एक तरह से सम्मान देने की कोशिश की है।
यह कहानी बताती है कि फैशन की दुनिया में किसी डिजाइनर के लिए पहचान और प्रोत्साहन कितने मायने रखते हैं। एक छोटे स्तर से शुरू हुआ ब्रांड जब बड़े नामों तक पहुंचता है, तो उसके पीछे वर्षों की मेहनत, रचनात्मकता और निरंतर प्रयास शामिल होते हैं।
गरबा और डांडिया के लिए ऐसे बनाएं अपना लुक खास
ईशा अंबानी का यह लुक उन महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है, जो नवरात्रि में पारंपरिक कपड़ों के साथ कुछ अलग और आकर्षक पहनना चाहती हैं। मल्टीकलर लहंगे के साथ मैचिंग चोली और खूबसूरत दुपट्टा पहनकर ऐसा लुक तैयार किया जा सकता है। इसके साथ गुजराती और राजस्थानी शैली से प्रेरित चोकर, बड़े झुमके और पारंपरिक कंगन पहनने से आउटफिट की खूबसूरती बढ़ जाती है।
हेयरस्टाइल की बात करें तो खुले बालों के साथ पारंपरिक लटकन या सजावटी हेयर एक्सेसरीज लगाई जा सकती हैं। अगर आप गरबा या डांडिया में शामिल होने जा रही हैं, तो ऐसा लहंगा चुनें जिसमें आराम से घूमना और डांस करना आसान हो। भारी कढ़ाई वाले आउटफिट के साथ हल्की ज्वेलरी भी अच्छी लग सकती है, जबकि सादे लहंगे के साथ स्टेटमेंट ज्वेलरी पहनकर लुक को खास बनाया जा सकता है।
ईशा अंबानी का नवरात्रि लुक इस बात का उदाहरण है कि पारंपरिक भारतीय कला और आधुनिक फैशन का मेल किसी भी परिधान को खास बना सकता है। राधा-कृष्ण की रासलीला, कलमकारी और पट्टचित्र कला से सजा यह लहंगा भारतीय विरासत, कारीगरों की मेहनत और उत्सव की भावना को एक साथ पेश करता है। नवरात्रि में एथनिक फैशन के लिए प्रेरणा तलाश रही महिलाओं के लिए यह लुक निश्चित रूप से खास है।