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बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में RCB vs GT मैच से पहले 240 सीसीटीवी कैमरों को खराब करने के आरोप में दो कर्मचारी गिरफ्तार। जानें क्या है पूरा मामला।
आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) के मैच से पहले स्टेडियम की सुरक्षा प्रणाली को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुँचाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, स्टेडियम के 240 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय कर दिया गया था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ा ‘ब्लाइंड स्पॉट’ पैदा हो गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है।
फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन और NVR यूनिट्स को पहुँचाया नुकसान
सुरक्षा एजेंसी द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने स्टेडियम के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर (NVR) इकाइयां और फाइबर ऑप्टिक कनेक्शन शामिल थे, को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया। इसके कारण प्रवेश द्वारों, कॉनकोर्स और कॉर्पोरेट स्टैंड्स जैसे संवेदनशील क्षेत्रों की लाइव मॉनिटरिंग पूरी तरह ठप हो गई थी।
कौन हैं आरोपी और क्या थी वजह?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चित्रदुर्ग के मंजूनाथ (37) और उत्तर प्रदेश के अब्दुल कलाम (19) के रूप में हुई है। ये दोनों ‘IVS डिजिटल सॉल्यूशंस’ के तहत एक उप-ठेकेदार (subcontractor) के कर्मचारी थे, जिसे स्टेडियम में सर्विलांस के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस तोड़फोड़ के पीछे संभावित कारण भुगतान विवाद हो सकता है। बताया जा रहा है कि आरोपी लगभग 10 लाख रुपये के बकाया भुगतान न होने के कारण नाराज थे और इसी हताशा में उन्होंने स्टेडियम की सुरक्षा प्रणाली को निशाना बनाया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते और संवेदनशील प्रणालियों के साथ छेड़छाड़ करते हुए देखा गया है।
बैकअप सिस्टम से बहाल की गई सुरक्षा
इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के बावजूद, प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए बैकअप सिस्टम के माध्यम से सर्विलांस को बहाल किया। सुरक्षा की फिर से जांच करने के बाद ही मैच को आयोजित करने की अनुमति दी गई, जिससे हजारों दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकी। पुलिस ने संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और नुकसान की पूरी सीमा निर्धारित करने के लिए जांच जारी है।