कुरुक्षेत्र में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को लेकर धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन की तैयारियों को लेकर कुरुक्षेत्र स्थित गीता ज्ञान संस्थानम् में धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने की। इस दौरान विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने महोत्सव के आयोजन को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों से लिए गए सुझाव
बैठक में गीता महोत्सव को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोजन को लेकर अपने सुझाव साझा किए। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी प्रतिनिधियों से महोत्सव को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की।
उन्होंने कहा कि सभी संस्थाएं मिलकर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को भव्य और गरिमामय बनाने में अपनी भूमिका निभाएं। मुख्यमंत्री ने आयोजन में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
जनभागीदारी को आयोजन का अहम हिस्सा बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।
प्रतिनिधियों ने महोत्सव को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं… pic.twitter.com/YDYsHl7sAi
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 24, 2026
मुख्यमंत्री की ओर से धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से आग्रह किया गया कि वे महोत्सव से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लें। सरकार की ओर से पहले भी गीता महोत्सव के दौरान धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों की भागीदारी के साथ विभिन्न गतिविधियों पर जोर दिया गया है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए महोत्सव में समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। संगठनों के सहयोग से आयोजन को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र में दिखेगा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। सरकारी जानकारी के अनुसार, महोत्सव के दौरान गीता से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां, प्रदर्शनी, शिल्प मेला, गीता यज्ञ, गीता पूजन और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
कुरुक्षेत्र को भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को गीता का संदेश दिए जाने वाली भूमि के रूप में धार्मिक महत्व प्राप्त है। इसी वजह से गीता महोत्सव के आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है।
स्वच्छता और व्यवस्थाओं पर भी रहेगा फोकस
हरियाणा सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, गीता महोत्सव के दौरान स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। धार्मिक और सामाजिक संगठनों तथा जनभागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया है।
सरकार का उद्देश्य महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए आयोजन से जुड़े विभिन्न विभागों और संस्थाओं के बीच समन्वय पर भी जोर दिया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने की तैयारी
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के नाम के अनुरूप इसमें देश के साथ-साथ विदेशों से भी प्रतिनिधियों और अतिथियों की भागीदारी की योजना रहती है। सरकारी जानकारी के अनुसार, आगामी आयोजन में विदेशी प्रतिनिधियों और अतिथियों के स्वागत तथा हरियाणा की संस्कृति से परिचित कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इसके अलावा विभिन्न देशों के शिल्पकारों को भी महोत्सव में आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी गई है, जिससे आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान का पहलू जुड़ता है।
संगठनों के सहयोग से भव्य आयोजन का लक्ष्य
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे मिलकर अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को सफल बनाने में सहयोग करें। उन्होंने आयोजन को भव्य, गरिमामय और व्यापक जनभागीदारी वाला बनाने पर जोर दिया।
बैठक में सामने आए सुझावों के आधार पर महोत्सव की तैयारियों को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। सरकार और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के बीच समन्वय को आयोजन की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
इस बैठक के जरिए सरकार ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को केवल एक धार्मिक आयोजन के रूप में नहीं, बल्कि कुरुक्षेत्र की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने वाले आयोजन के रूप में आयोजित करने पर जोर दिया जा रहा है।