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घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट। सेंसेक्स 508 अंक और निफ्टी 165 अंक टूटा। मिडकैप और एफएमसीजी शेयरों में दिखी सबसे अधिक कमजोरी।
सोमवार के कारोबारी सत्र में घरेलू शेयर बाजार ने एक मजबूत शुरुआत के बाद अचानक यू-टर्न ले लिया और भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। बाजार में निवेशकों के बीच मध्य-पूर्व (West Asia) में बढ़ते तनाव, एफआईआई (FII) की बिकवाली और आगामी आरबीआई (RBI) मौद्रिक नीति व जीडीपी (GDP) आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता का माहौल छाया रहा। सेंसेक्स 508.40 अंक (0.68%) फिसलकर 74,267.34 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 165.15 अंक (0.70%) की गिरावट के साथ 23,382.60 पर आ गया।
दिन भर का नाटकीय उतार-चढ़ाव
बाजार का दिन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। सेंसेक्स ने सत्र की शुरुआत हरे निशान में की और 75,367.93 के इंट्राडे उच्च स्तर को छुआ, लेकिन दिन के अंत तक यह अपने शिखर से 1,100 अंक से अधिक नीचे गिर गया। निफ्टी का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा, जिसने 23,733.70 का उच्च स्तर बनाने के बाद लगभग 350 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज की।
भू-राजनीतिक तनाव और जोखिम से बचने का माहौल
बाजार की धारणा पर सबसे ज्यादा असर मध्य-पूर्व में नए सिरे से भड़की हिंसा का दिखा। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, इज़राइल और लेबनान के बीच सीमा पार दुश्मनी और हालिया अमेरिकी हमलों ने निवेशकों को ‘रिस्क-ऑफ’ (Risk-off) मोड में धकेल दिया है। निवेशक वैश्विक अनिश्चितता के कारण जोखिम लेने से बच रहे हैं और अपनी पूंजी को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर रहे हैं।
एफएमसीजी और बैंकिंग शेयरों में बड़ी बिकवाली
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी एफएमसीजी (FMCG) सूचकांक में 2.3% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें हिंदुस्तान यूनिलीवर और आईटीसी जैसे दिग्गज शेयर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। वित्तीय सेवाओं (Financial Services) के क्षेत्र में भी कमजोरी रही, जहाँ निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 1.36% और निफ्टी बैंक 1.1% गिर गया। कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और एसबीआई जैसे प्रमुख शेयरों में निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। इसके अलावा, ऑटो सेक्टर भी दबाव में रहा और निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1.7% टूट गया।
आईटी शेयरों ने दिखाई चमक
गिरावट के बीच, तकनीकी (IT) शेयरों ने बाजार को संभालने का काम किया। निफ्टी आईटी सूचकांक 2.66% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इंफोसिस में 3.7%, टेक महिंद्रा में 3.8% और टीसीएस में लगभग 2% की तेजी देखी गई। एआई (AI) आधारित खर्चों में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजार में तकनीक के प्रति बढ़ती सकारात्मकता के कारण यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है।
ब्रॉड-मार्केट और कच्चे तेल की चिंताएं
बाजार की कमजोरी केवल दिग्गज शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में भी क्रमशः 1.45% और 0.88% की गिरावट आई। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में उछाल भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देश के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 91 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जिससे महंगाई और आर्थिक विकास दर पर प्रतिकूल असर पड़ने का डर बना हुआ है। इसके साथ ही, इंडिया VIX (वोलैटिलिटी इंडेक्स) में 2.2% की बढ़त यह दर्शाती है कि व्यापारी आगे और उतार-चढ़ाव के लिए तैयार हैं।
निवेशकों की नजरें अब आरबीआई और जीडीपी पर
बाजार के अगले रुख को तय करने के लिए अब निवेशकों की निगाहें शुक्रवार को आने वाले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति के फैसले और जीडीपी के आंकड़ों पर टिकी हैं। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि निफ्टी का 23,500 के स्तर से नीचे गिरना तकनीकी रूप से बाजार के लिए कमजोरी का संकेत है। पोनमुडी आर के अनुसार, अब 23,500 का स्तर बाजार के लिए तत्काल प्रतिरोध (resistance) का काम करेगा, जबकि नीचे की ओर 23,250-23,300 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन (support) है। यदि बाजार इस दायरे को तोड़ता है, तो निफ्टी 23,000 के स्तर तक भी गिर सकता है।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन बाजार के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं, जहाँ भू-राजनीतिक खबरें और घरेलू आर्थिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे।