India-Russia Trade Deal: अमेरिका के ‘Dead Economy’ बयान के बाद भारत का बड़ा कदम, EAEU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी

India-Russia Trade Deal: अमेरिका के 'Dead Economy' बयान के बाद भारत का बड़ा कदम, EAEU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की तैयारी

India-Russia Trade Deal: अमेरिका द्वारा भारत को ‘Dead Economy’ कहे जाने के बाद, भारत ने रूस के नेतृत्व वाले EAEU के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की दिशा में कदम बढ़ाया है। जानें इस डील से भारत को क्या फायदे हो सकते हैं और अमेरिका को कैसे मिला जवाब।

India-Russia Trade Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को “Dead Economy” कहे जाने और टैरिफ बढ़ाने की धमकी के बाद भारत ने बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। भारत सरकार ने रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस कदम को अमेरिका को आर्थिक स्तर पर करारा जवाब माना जा रहा है।

क्या है India-EAEU Trade Deal?

भारत और EAEU के बीच मॉस्को में FTA को लेकर टर्म ऑफ रेफरेंस पर साइन किए गए हैं। भारत की ओर से वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भाडू और EAEU के प्रतिनिधि मिखाइल चेरेकोव ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह डील भारतीय निर्यातकों के लिए रूस, कजाकिस्तान, बेलारूस, आर्मेनिया और किर्गिस्तान जैसे देशों में नए बाजार खोल सकती है।

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अमेरिका को मिला जवाब

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को “Dead Economy” कहे जाने के बाद भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता लगभग ठप हो गई है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ब्राजील के राष्ट्रपति लुला दा सिल्वा से बात की। जल्द ही पीएम मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात हो सकती है, जिससे भारत के नए रणनीतिक झुकाव के संकेत मिलते हैं।

भारत-रूस व्यापार में क्या हैं अवसर और चुनौतियां?

2024 में भारत और EAEU के बीच व्यापार 69 बिलियन डॉलर पहुंच चुका है, जो पिछले साल की तुलना में 7% अधिक है। इस FTA से भारतीय टेक्सटाइल, फार्मा और ऑटो सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। लेकिन चुनौती यह है कि भारत का रूस से आयात निरंतर बढ़ रहा है, जबकि निर्यात में उतनी तेजी नहीं है।

  • भारत का रूस को निर्यात (2025): 4.88 बिलियन डॉलर

  • भारत का रूस से आयात: 60 बिलियन डॉलर+

  • व्यापार घाटा: अत्यधिक, तेल आयात की वजह से

क्यों है यह डील अहम?

EAEU के साथ FTA से भारत को अमेरिकी दबाव से मुक्त होकर विकसित होते बाजारों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। यह कदम भारत की वैश्विक रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है, जिससे उसे एक मजबूत आर्थिक साझेदार के रूप में पहचान मिलेगी।

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