भारत रक्षा डील 2025: रक्षा मंत्रालय ने 67 हजार करोड़ रुपये की मिसाइल और डिफेंस सिस्टम खरीद को मंजूरी दी। ब्रह्मोस, बराक-1, S-400 सहित कई हाईटेक हथियारों से भारत की सैन्य क्षमता होगी और चीन-पाक की मुश्किलें बढ़ेंगी।
भारत रक्षा डील 2025: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने लगभग 67,000 करोड़ रुपये की लागत वाली प्रमुख सैन्य परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इस सौदे के तहत भारत ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम, बराक-1 प्वाइंट डिफेंस मिसाइल सिस्टम, S-400 मिसाइल प्रणाली के रखरखाव अनुबंध समेत कई आधुनिक हथियार और डिफेंस सिस्टम खरीदेगा।
भारतीय नौसेना और वायु सेना के लिए आधुनिक हथियार
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारतीय नौसेना के लिए ‘कॉम्पैक्ट ऑटोनॉमस सरफेस क्राफ्ट’ की खरीद की जाएगी, जो पनडुब्बी रोधी युद्ध अभियानों में खतरों की पहचान, वर्गीकरण और उन्हें बेअसर करने में सक्षम होगा। साथ ही, भारतीय वायु सेना के लिए पर्वतीय रडार सिस्टम की खरीद और ‘सक्षम/स्पाइडर’ हथियार प्रणाली के उन्नयन को भी मंजूरी मिली है, जिससे हवाई निगरानी और वायु रक्षा क्षमता में वृद्धि होगी।
लंबी दूरी के ड्रोन और उन्नत वायु रक्षा प्रणाली
डिफेंस खरीद परिषद ने मध्यम ऊंचाई वाली लंबी दूरी के ‘रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट’ (RPA) की खरीद के लिए भी आवश्यक मंजूरी दी है। ये ड्रोन लंबी दूरी के मिशनों पर काम करने के साथ-साथ विभिन्न हथियार और सामग्री ले जाने में सक्षम होंगे। इसके अलावा, S-400 लंबी दूरी की वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के वार्षिक रखरखाव अनुबंध को भी हरी झंडी दी गई है।
भारत की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी
इस भारी निवेश के बाद भारतीय सेना की निगरानी और युद्ध क्षमता में सुधार होगा, जिससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की सैन्य चुनौतियों का सामना करना आसान होगा। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह कदम भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।