हरियाणा सरकार ने स्वतंत्रता दिवस 2025 के लिए ध्वजारोहण कार्यक्रमों की संशोधित सूची जारी की है। वरिष्ठ मंत्री अनिल विज अब यमुनानगर में तिरंगा फहराएंगे, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रोहतक में ध्वजारोहण करेंगे।
हरियाणा सरकार ने 15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस समारोहों के लिए ध्वजारोहण कार्यक्रमों की संशोधित सूची जारी कर दी है। इस सूची में राज्य के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज का नाम शामिल किया गया है, जो अब यमुनानगर/जगाधरी में तिरंगा फहराएंगे। पहले जारी सूची में विज का नाम न होने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई थी।
संशोधित आदेश के अनुसार, राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष अब अंबाला में मुख्य समारोह की अध्यक्षता करेंगे। पहले की योजना के अनुसार अनिल विज को राज्यपाल के कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन अब उन्हें यमुनानगर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे रोहतक में ध्वजारोहण
राज्य सरकार की ओर से जारी पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 15 अगस्त को रोहतक में ध्वजारोहण करेंगे। वहीं, अन्य प्रमुख नेताओं और मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों में झंडा फहराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
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हरविन्द्र कल्याण (विधानसभा अध्यक्ष) – पानीपत
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डॉ. कृष्ण कुमार मिड्ढा (विधानसभा उपाध्यक्ष) – सोनीपत
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कृष्ण लाल पंवार (विकास एवं पंचायत मंत्री) – थानेसर/कुरुक्षेत्र
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राव नरबीर सिंह (उद्योग मंत्री) – रेवाड़ी
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महिपाल ढांडा (शिक्षा मंत्री) – कैथल
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विपुल गोयल (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री) – महेंद्रगढ़
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अरविंद कुमार शर्मा (सहकारिता मंत्री) – करनाल
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श्याम सिंह राणा (कृषि मंत्री) – गुरुग्राम
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रणबीर गंगवा (जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री) – फतेहाबाद
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कृष्ण कुमार बेदी (सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री) – हिसार
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श्रुति चौधरी (महिला एवं बाल विकास मंत्री) – पंचकूला
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आरती सिंह राव (स्वास्थ्य मंत्री) – नूंह
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राजेश नागर (खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री) – सिरसा
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गौरव गौतम (खेल मंत्री) – फरीदाबाद
मंत्री अनिल विज को लगातार दूसरी बार जिम्मेदारी से दूर रखने पर उठे सवाल
गौरतलब है कि यह 21 दिनों में दूसरी बार है जब वरिष्ठ मंत्री अनिल विज को पहले किसी प्रमुख कार्यक्रम से बाहर रखा गया। 22 जुलाई को भाजपा द्वारा विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए 42 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी विधायकों और मंत्रियों को सौंपी गई थी, लेकिन विज को उस सूची में भी जगह नहीं मिली थी।
उस वक्त एक मंत्री ने विज की बीमारी का हवाला देकर उन्हें जिम्मेदारी न दिए जाने का कारण बताया था, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि बाद में उस मंत्री ने अनिल विज से मुलाकात कर सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था। अनिल विज ने इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।