उत्तराखंड में ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्सव एवं आश्वासन

उत्तराखंड में ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उत्सव एवं आश्वासन

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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बल्लिवाला में “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड” अभियान के सम्मान समारोह में शपथ दिलाई। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, तकनीक आधारित उपाय, और जनता के सहयोग से चार वर्षों में 200+ दोषियों को जेल तक पहुंचाने, 24 000 सरकारी नौकरियां देने, और कई कड़े कानून लागू करने की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  देहरादून के बल्लिवाला में एक भव्य सम्मान समारोह में शिरकत की, जो “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड” के प्रति मुख्यमंत्री के बेहतरीन प्रयासों के समर्थन में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर सोशल और धार्मिक संस्थाओं ने समारोह का आयोजन किया जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ मिलकर भ्रष्टाचार उन्मूलन की शपथ ली।

भ्रष्टाचार-मुक्त उत्तराखंड की दिशा में धामी का आह्वान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह आयोजन मात्र एक पुरस्कार समारोह नहीं, बल्कि उत्तराखंड को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की एक सामाजिक प्रतिबद्धता का उत्सव है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 1.25 करोड़ जनता की आवाज़ और समर्थन इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है।

आम लोगों की उम्मीदों की जीत, नीतियों में ‘जीरो टॉलरेंस’

धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार की लड़ाई व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि जनता की ईमानदारी और विश्वास की जीत है। उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत तकनीक का उपयोग करते हुए विभिन्न उपाय किए हैं, जैसे:

  • ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली

  • परीक्षा प्रणाली में निगरानी

  • जन शिकायत निवारण हेतु CM हेल्पलाइन ‘1905’ तथा भ्रष्टाचार शिकायत हेतु ‘1064’

कठोर कार्रवाई – परिणाम 3 वर्षों में 200+ दोषियों को जेल

मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी, ट्रांसफर- पोस्टिंग में गलत काम और योजनाओं में कमीशनखोरी जैसे मामलों में कठोर कार्रवाई की गई, और पिछले तीन वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारी जेल भेजे गए हैं। साथ ही, पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड में 24 000 से अधिक सरकारी नौकरियां भी प्रदान की गई हैं।

कानून व्यवस्था सुदृढ़ीकरण: सीधी कारवाई, नए कानून

धामी ने कहा कि सरकार ने ** समान नागरिक संहिता लागू की**, कड़े नकल-विरोधी कानून बनाए, लैंड व लव जिहाद को रोकने की कार्यवाही की, धर्मांतरण व दंगारोधी कानून सुधारे और ऑपरेशन कालनेमि के जरिए 200+ संदिग्धों की पहचान की—जिसमें कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी शामिल थे।

सामाजिक उत्कृष्टता के मंत्र – “ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे को अपनाते हुए—“ना खाऊँगा, ना खाने दूँगा”—मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड में पारदर्शी व जवाबदेह शासन का निर्माण किया जा रहा है। उनका प्रण है कि यह प्रदेश संस्कृति में समृद्ध और देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बने।

जनता से सहयोग की अपील

धामी ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे संदिग्ध गतिविधियों या भ्रष्टाचार की सूचना तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन को दें। उन्होंने कहा कि यह जनभागीदारी बिना भ्रष्टाचार के उत्तराखंड का निर्माण संभव बनाएगी।

समारोह में उपस्थित प्रमुख वक्ता

इस अवसर पर विधायक खजान दास, सामाजिक-धार्मिक नेता स्वामी चिदानंद सरस्वती, किशन गिरी महाराज, राकेश ओबेरॉय, पंकज गुप्ता, तथा कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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