IMD ने 22 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी बारिश का अनुमान है।
देश के कई हिस्सों में शनिवार, 22 अगस्त को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य, उत्तर, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के कई राज्यों में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना बनी हुई है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है। मॉनसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट आने और मौसम सुहावना होने की उम्मीद है, वहीं लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर जनजीवन बाधित होने की स्थिति भी बन सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश की चेतावनी वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की है।
उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बना मौसम सिस्टम
IMD के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर एक मौसम प्रणाली बनी हुई है, जिसका प्रभाव आसपास के क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। इस सिस्टम के कारण मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से मध्य प्रदेश के अलावा आसपास के राज्यों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने की स्थिति बन सकती है। अगले कुछ दिनों तक मॉनसून की गतिविधियों में उतार-चढ़ाव के साथ कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा सिस्टम और मॉनसून की सक्रियता एक साथ कई इलाकों में वर्षा की गतिविधियों को बढ़ा सकती है।
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को बारिश को लेकर विशेष सतर्कता की जरूरत है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के बड़े हिस्से में भारी बारिश की संभावना जताई है और 22 अगस्त के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट का मतलब है कि संबंधित क्षेत्रों में बहुत तेज बारिश होने की स्थिति बन सकती है और इसका असर सामान्य जनजीवन पर पड़ने की आशंका रहती है। दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की स्थिति में कई जगहों पर सड़कों पर पानी भरने, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी जा सकती है।
मध्य भारत में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मध्य भारत में मॉनसून की सक्रियता के चलते कई इलाकों में बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बने मौसम सिस्टम का प्रभाव मध्य भारत के अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ सकता है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी ऐसे इलाकों में स्थिति पर नजर रखने की जरूरत होगी, जहां पहले से जलभराव या बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं। लोगों को नदियों, नालों और तेज बहाव वाले पानी के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में तेज बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी बारिश की गतिविधियां तेज होने का अनुमान जताया है। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में बहुत तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी राज्यों में मॉनसून पहले से सक्रिय रहने के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ने पर स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात संबंधी समस्याएं सामने आ सकती हैं। उत्तर-पूर्वी राज्यों में पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन तथा सड़कों के प्रभावित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। ऐसे क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी होगा।
आने वाले दिनों में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून
IMD का अनुमान है कि मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश हो सकती है। इसका मतलब है कि शनिवार के बाद भी बारिश की गतिविधियों में पूरी तरह कमी आने की संभावना नहीं है। अलग-अलग मौसम प्रणालियों और मॉनसून की स्थिति के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है, जबकि मौसम प्रणाली के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। किसानों के लिए यह बारिश कई क्षेत्रों में फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक बारिश की स्थिति में फसलों और खेतों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी रहती है।
भारी बारिश में सावधानी बरतने की जरूरत
भारी बारिश के अलर्ट के बीच लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तेज बारिश का असर सड़क यातायात, सार्वजनिक परिवहन और दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचना चाहिए और मौसम की स्थिति खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा टालनी चाहिए। वाहन चालकों को भी कम दृश्यता और फिसलन भरी सड़कों के दौरान गति नियंत्रित रखने की जरूरत है। पहाड़ी और नदी किनारे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
मौसम विभाग के अलर्ट पर रखें नजर
मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में IMD के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है। शनिवार, 22 अगस्त को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी बारिश के रेड अलर्ट के अलावा मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने मौसम सिस्टम का प्रभाव आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान देश के बड़े हिस्सों में मॉनसून के सक्रिय रहने की ओर इशारा कर रहा है, इसलिए भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता और सुरक्षा को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी होगा।