HUL Q1 Results: हिंदुस्तान यूनिलीवर का मुनाफा 4% घटा, लेकिन 13 तिमाहियों की सबसे तेज बिक्री वृद्धि से निवेशकों को मिला बड़ा संकेत

HUL Q1 Results: हिंदुस्तान यूनिलीवर का मुनाफा 4% घटा, लेकिन 13 तिमाहियों की सबसे तेज बिक्री वृद्धि से निवेशकों को मिला बड़ा संकेत

 

HUL Q1 Results FY27: हिंदुस्तान यूनिलीवर का पहली तिमाही का शुद्ध लाभ 4% घटकर ₹2,631 करोड़ रहा, जबकि राजस्व 10% बढ़कर ₹16,657 करोड़ पहुंच गया। जानिए कंपनी के तिमाही नतीजों, EBITDA और शेयरों पर पड़े असर की पूरी जानकारी।

देश की अग्रणी एफएमसीजी (FMCG) कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 4 प्रतिशत घटकर 2,631 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 2,732 करोड़ रुपये था। हालांकि मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की बिक्री और राजस्व में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। कंपनी का परिचालन राजस्व (Revenue from Operations) 10 प्रतिशत बढ़कर 16,657 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले की समान तिमाही में 15,174 करोड़ रुपये था। नतीजों के बाद शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान HUL के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और शेयर लगभग 2,098.20 रुपये पर कारोबार करता दिखाई दिया।

13 तिमाहियों की सबसे तेज ग्रोथ, बिक्री और वॉल्यूम दोनों में मजबूती

कंपनी ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में उसका कुल कारोबार (Turnover) 17,184 करोड़ रुपये रहा। HUL के अनुसार, कंपनी ने 10 प्रतिशत अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ (USG) दर्ज की, जो पिछले 13 तिमाहियों की सबसे तेज वृद्धि है। खास बात यह रही कि यह ग्रोथ केवल कीमतों में बढ़ोतरी के कारण नहीं, बल्कि बिक्री की मात्रा (Volume Growth) और प्राइस ग्रोथ दोनों के संतुलित योगदान से हासिल हुई।

कंपनी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूती दिखाई है। सरकार की सक्रिय राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के कारण मांग का माहौल स्थिर बना रहा, जिसका लाभ HUL को भी मिला।

प्रिया नायर ने बताया भविष्य का रोडमैप

HUL की CEO प्रिया नायर ने कहा कि कंपनी की यह मजबूत बिक्री वृद्धि उसके ब्रांड्स की ताकत, प्रतिस्पर्धी उत्पाद पोर्टफोलियो और रणनीतिक योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कंपनी लगातार नए बाजारों में विस्तार, वितरण नेटवर्क को मजबूत करने और अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव पर निवेश कर रही है।

उनके अनुसार, HUL का लक्ष्य केवल कीमतों के जरिए नहीं, बल्कि वॉल्यूम आधारित बिक्री वृद्धि (Volume-led Revenue Growth) हासिल करना है। कंपनी भविष्य में भी उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पादों और वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने पर ध्यान देगी।

कंसोलिडेटेड मुनाफे पर पड़ा टैक्स और विशेष खर्चों का असर

कंपनी के समेकित (Consolidated) नतीजों की बात करें तो जून तिमाही में शुद्ध लाभ 3.17 प्रतिशत घटकर 2,680 करोड़ रुपये रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह विशेष (Exceptional) खर्च और बढ़ा हुआ टैक्स रहा।

HUL ने बताया कि इस तिमाही में उसे 75 करोड़ रुपये का असाधारण नुकसान (Exceptional Loss) हुआ। इसमें 115 करोड़ रुपये का पुनर्गठन (Restructuring) खर्च और अधिग्रहण एवं परिसंपत्तियों के निपटान से जुड़े 5 करोड़ रुपये के खर्च शामिल हैं। हालांकि कंपनी को अतिरिक्त परिसंपत्तियों की बिक्री से 45 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ भी हुआ, जिससे कुछ राहत मिली।

इसके अलावा कंपनी का टैक्स खर्च भी काफी बढ़ गया। जून 2026 तिमाही में टैक्स खर्च 952 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 526 करोड़ रुपये था। यही कारण रहा कि मजबूत बिक्री के बावजूद शुद्ध लाभ पर दबाव देखने को मिला।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन रहा मजबूत

यदि परिचालन स्तर पर कंपनी के प्रदर्शन को देखें तो तस्वीर काफी सकारात्मक नजर आती है। HUL का Profit Before Exceptional Items and Tax (PBEIT) 9.28 प्रतिशत बढ़कर 3,707 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3,392 करोड़ रुपये था।

इसी तरह उत्पादों की बिक्री से होने वाला राजस्व 10.26 प्रतिशत बढ़कर 17,149 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स की मांग बाजार में मजबूत बनी हुई है और उपभोक्ताओं का भरोसा कायम है।

EBITDA मार्जिन बना रहा स्थिर

कंपनी ने बताया कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद उसका EBITDA मार्जिन 23 प्रतिशत पर बना रहा, जो कंपनी के पूर्व निर्धारित मार्गदर्शन (Guidance) के अनुरूप है। वहीं EBITDA में सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 3,947 करोड़ रुपये हो गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि लागत नियंत्रण और बेहतर संचालन प्रबंधन के कारण कंपनी अपने मार्जिन को स्थिर रखने में सफल रही, जो भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

शेयर बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया रही नकारात्मक

हालांकि कंपनी की बिक्री और ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन शुद्ध लाभ में गिरावट और बढ़े हुए टैक्स खर्च के कारण निवेशकों की शुरुआती प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। परिणाम घोषित होने के बाद HUL के शेयरों में 3.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कंपनी आने वाली तिमाहियों में वॉल्यूम ग्रोथ और मार्जिन बनाए रखने में सफल रहती है, तो यह गिरावट अस्थायी साबित हो सकती है।

लंबी अवधि के लिए सकारात्मक संकेत

HUL के तिमाही नतीजे यह दिखाते हैं कि कंपनी अभी भी भारतीय एफएमसीजी बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। मुनाफे में हल्की गिरावट के बावजूद बिक्री में दो अंकों की वृद्धि, 13 तिमाहियों की सबसे तेज अंडरलाइंग सेल्स ग्रोथ, मजबूत EBITDA और स्थिर ऑपरेटिंग मार्जिन इस बात का संकेत हैं कि कंपनी का बुनियादी कारोबार मजबूत बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में उपभोक्ता मांग और ग्रामीण बाजारों में सुधार जारी रहता है, तो हिंदुस्तान यूनिलीवर वित्त वर्ष 2026-27 में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन करने की स्थिति में रह सकती है।

 

 

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