मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से 10 लोगों की मौत हो गई। जानें हादसे की वजह और सांसद हेमा मालिनी की प्रतिक्रिया।
वृंदावन के घाट, जो आमतौर पर प्रार्थनाओं और भक्ति के स्वर से गूंजते हैं, शुक्रवार को एक ऐसी हृदयविदारक घटना के गवाह बने जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मथुरा के वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें अब तक 10 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना शुक्रवार दोपहर करीब 3:15 बजे की है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नाव पर क्षमता से अधिक यानी लगभग 25 से 30 श्रद्धालु सवार थे।
- टक्कर और असंतुलन: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव अनियंत्रित होकर एक पीपे के पुल (Pontoon Bridge) से टकरा गई और देखते ही देखते नदी में पलट गई।
- अवैध संचालन का शक: प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई है कि संभवतः मोटरबोट बिना अनुमति के संचालित की जा रही थी। गौरतलब है कि मथुरा, वृंदावन और गोकुल के बीच नाव सेवाओं पर कड़े प्रतिबंध हैं।
बचाव अभियान और वर्तमान स्थिति
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय गोताखोरों, पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने मोर्चा संभाला।
- सुरक्षित बचाए गए: अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- कैजुअल्टी: अधिकारियों ने 10 शवों के बरामद होने की पुष्टि की है।
- लापता की तलाश: NDRF और SDRF की टीमें स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।
- वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर हादसे से कुछ देर पहले का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें श्रद्धालु नाव पर भजन-कीर्तन करते नजर आ रहे हैं। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि अगले ही पल यह खुशी मातम में बदल जाएगी।
सांसद हेमा मालिनी ने जताया शोक
मथुरा की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा:
“वृंदावन में यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटने से हुई जनहानि अत्यंत हृदयविदारक और मर्मस्पर्शी है। मैं भगवान श्री कृष्ण से प्रार्थना करती हूं कि दिवंगत आत्माओं को शांति मिले और घायलों का स्वास्थ्य जल्द ठीक हो।”
प्रशासन की कार्रवाई
मथुरा के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया नाव का पीपे के पुल से टकराना ही हादसे की मुख्य वजह लग रही है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद नाव का संचालन किसके इशारे पर हो रहा था।