गर्मी के मौसम में लू (Heatstroke) जानलेवा हो सकती है। जानें इसके शुरुआती लक्षणों को कैसे पहचानें और घर पर ही आम पन्ना, प्याज और अन्य तरीकों से इसका इलाज कैसे करें।
भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप हर साल स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर आता है। दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान अक्सर 45°C के पार चला जाता है। ऐसे में शरीर को सुरक्षित रखना और हाइड्रेटेड रहना बेहद जरूरी है।
भीषण गर्मी और लू (Heatwave) से बचाव के रामबाण उपाय
बढ़ते तापमान में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। “हीट स्ट्रोक” यानी लू लगना एक गंभीर स्थिति है। इससे बचने के लिए अपनी जीवनशैली में ये बदलाव जरूर करें:
1. शरीर को रखें हाइड्रेटेड (भरपूर पानी पिएं)
- पानी का सेवन: प्यास न लगने पर भी थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी पीते रहें। दिनभर में कम से कम 3-4 लीटर पानी पिएं।
- देसी ड्रिंक्स: ओआरएस (ORS), नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी, और आम पन्ना का सेवन करें। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी नहीं होने देते।
- इनसे बचें: शराब, अत्यधिक चाय-कॉफी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।
2. खान-पान में सावधानी
- हल्का भोजन: गर्मियों में सुपाच्य और हल्का खाना खाएं। ज्यादा तेल-मसालेदार और बासी भोजन से परहेज करें।
- मौसमी फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे फल खाएं जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है।
- प्याज का सेवन: कच्चे प्याज को खाने के साथ शामिल करें या जेब में एक छोटा प्याज रखना भी ग्रामीण इलाकों में लू से बचने का पुराना नुस्खा माना जाता है।
3. पहनावा और घर से बाहर निकलते समय
- सूती कपड़े: हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें। सिंथेटिक कपड़े पसीना नहीं सोखते और स्किन इन्फेक्शन बढ़ा सकते हैं।
- सुरक्षा कवच: बाहर निकलते समय सिर को तौलिए, टोपी या छतरी से ढकें। आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस (धूप का चश्मा) पहनें।
- दोपहर का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब धूप सबसे तेज होती है, बाहर निकलने से बचें।
4. घर को रखें ठंडा
दिन के समय खिड़कियों और पर्दों को बंद रखें ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आए। शाम को ठंडी हवा के लिए खिड़कियां खोलें।
कूलर या एसी का उपयोग करते समय वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
लू लगने के लक्षण (Symptoms of Heatstroke)
यदि किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- तेज सिरदर्द और चक्कर आना।
- बहुत तेज बुखार के साथ पसीना न आना।
- जी मिचलाना या उल्टी होना।
- त्वचा का लाल और गर्म होना।