एचसीएल टेक को बड़ा झटका: ज़ेरॉक्स का बीपीएम कॉन्ट्रैक्ट खत्म, 200 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा

एचसीएल टेक को बड़ा झटका: ज़ेरॉक्स का बीपीएम कॉन्ट्रैक्ट खत्म, 200 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा

 

एचसीएल टेक के लंबे समय के क्लाइंट ज़ेरॉक्स ने बीपीएम कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने का फैसला किया। नोएडा कैंपस के 200 कर्मचारी प्रभावित।

 

भारत की प्रमुख आईटी सेवा प्रदाता कंपनी एचसीएल टेक (HCLTech) को एक बड़ा व्यावसायिक झटका लगा है। खबरों के अनुसार, एचसीएल टेक अपने पुराने क्लाइंट ‘ज़ेरॉक्स कॉरपोरेशन’ (Xerox Corporation) से एक महत्वपूर्ण बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट (बीपीएम) अनुबंध खोने की कगार पर है। इस फैसले का सीधा असर कंपनी के करीब 170 से 200 कर्मचारियों पर पड़ने की संभावना है। यह कॉन्ट्रैक्ट दोनों कंपनियों के बीच 17 वर्षों से चले आ रहे लंबे व्यावसायिक संबंधों का एक हिस्सा था, लेकिन अब इस साझेदारी में बदलाव की खबरें सामने आई हैं।

ज़ेरॉक्स अपनी लागत कम करने के प्रयास में

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ज़ेरॉक्स कॉरपोरेशन ने लागत को अनुकूलित करने (Cost-optimization) के उद्देश्य से बीपीएम कॉन्ट्रैक्ट को नवीनीकृत न करने का निर्णय लिया है। कंपनी इन दिनों लाभप्रदता की चुनौतियों का सामना कर रही है और अपनी व्यावसायिक प्रक्रियाओं को बदलने (Business Transformation) की दिशा में काम कर रही है। ज़ेरॉक्स का लक्ष्य अपने परिचालन खर्च को कम करना है, जिसके चलते उसने एचसीएल टेक के साथ अपने इस बीपीएम प्रोजेक्ट को बंद करने का फैसला किया है।

फिलीपींस शिफ्ट हो रहा है काम

सूत्रों के अनुसार, ज़ेरॉक्स अब इस काम का एक बड़ा हिस्सा अपने इन-हाउस ऑपरेशंस के जरिए फिलीपींस में शिफ्ट करने की योजना बना रही है। इसके अलावा, बचा हुआ छोटा हिस्सा वहां की किसी स्थानीय थर्ड-पार्टी बीपीएम कंपनी को आउटसोर्स किया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि आउटसोर्सिंग का यह काम केवल 30 से 40 लोगों के लिए हो सकता है, जो कि पहले के मुकाबले काफी कम है। ज़ेरॉक्स का यह कदम न केवल एचसीएल के लिए व्यावसायिक नुकसान है, बल्कि उन सैकड़ों कर्मचारियों के लिए भी चिंता का विषय है जो इस प्रोजेक्ट से लंबे समय से जुड़े हुए थे।

कर्मचारियों को नौकरी तलाशने की सलाह

इस प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकांश प्रभावित कर्मचारी एचसीएल टेक के नोएडा कैंपस में कार्यरत हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों को करीब दो महीने पहले ही संकेत दे दिए गए थे कि कंपनी के पास प्रोजेक्ट खत्म होने के बाद उन्हें अन्य प्रोजेक्ट्स में समायोजित (Redeploy) करने की सीमित संभावनाएं हैं।

प्रोजेक्ट का समापन इस साल जून महीने में होने की उम्मीद है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि प्रोजेक्ट का पहला चरण पहले ही पूरा हो चुका है और इस पर काम करने वाले लगभग 50 कर्मचारी पहले से ही ‘बेंच’ पर हैं। कंपनी ने इन कर्मचारियों को आंतरिक रूप से या बाहर नौकरी खोजने की सलाह दी है। हालांकि, यह बहुत कम संभावना है कि इन सभी कर्मचारियों को एचसीएल टेक के भीतर ही किसी नए प्रोजेक्ट पर तैनात किया जा सके।

एचसीएल टेक की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले पर एचसीएल टेक ने आधिकारिक रूप से कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी नीति के अनुसार, एचसीएल टेक क्लाइंट-विशिष्ट अनुबंधों या व्यावसायिक व्यवस्थाओं पर कोई टिप्पणी नहीं करता है। हम वैश्विक स्तर पर अपने ग्राहकों के साथ मजबूत संबंध बनाए हुए हैं और व्यावसायिक परिणाम देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

आईटी सेक्टर और कर्मचारियों के लिए चिंताएं

यह घटना आईटी उद्योग में चल रहे अनिश्चितता के दौर को दर्शाती है। क्लाइंट्स द्वारा लागत कटौती के लिए प्रोजेक्ट्स को इन-हाउस शिफ्ट करना या आउटसोर्सिंग मॉडल बदलना आईटी सेवा प्रदाता कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एचसीएल टेक और ज़ेरॉक्स के बीच पिछले 17 वर्षों का लंबा संबंध था, लेकिन व्यावसायिक प्राथमिकताओं ने इस साझेदारी में बदलाव ला दिया है।

इस घटना से एचसीएल टेक के उन कर्मचारियों में निराशा है, जो वर्षों से इस प्रोजेक्ट के लिए प्रतिबद्ध थे। जैसे-जैसे जून का महीना करीब आ रहा है, प्रभावित कर्मचारियों के लिए नई नौकरी ढूंढना एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है। यह स्थिति आईटी पेशेवरों के लिए भी एक सबक है कि उन्हें हमेशा खुद को नई स्किल्स के साथ अपडेट रखना चाहिए ताकि क्लाइंट द्वारा प्रोजेक्ट बंद किए जाने की स्थिति में वे आसानी से दूसरे अवसरों की तलाश कर सकें।

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