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हरियाणा सरकार ने गेहूं खरीद 2026-27 के लिए मानकों में छूट दी है। लस्टर लॉस 70% और टूटे दाने 15% तक स्वीकार्य होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का किसानों के हित में बड़ा फैसला।
किसानों को बड़ी सौगात: गेहूं खरीद मानकों में केंद्र से मिली विशेष छूट, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों को मिली सफलता
: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन और कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा के प्रयासों के फलस्वरूप, केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के मानकों में विशेष छूट देने का निर्णय लिया है। प्रदेश के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्राथमिकता हमेशा से ‘अन्नदाता’ का कल्याण रही है। असमय वर्षा और ओलावृष्टि के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए यह राहत किसानों के आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में मील का पत्थर साबित होगी।
लस्टर लॉस और टूटे दानों की सीमा में वृद्धि: अब खराब हुई फसल भी बिकेगी पूरी कीमत पर
असमय हुई वर्षा के कारण गेहूं की चमक और गुणवत्ता पर पड़े प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने खरीद मानदंडों को उदार बनाया है। कृषि मंत्री ने बताया कि अब लस्टर लॉस (चमक की कमी) की सीमा को बढ़ाकर 70% तक कर दिया गया है। इसके साथ ही, सिकुड़े और टूटे हुए दानों की सीमा को 15% तक तथा क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों की स्वीकार्य सीमा को 6% तय किया गया है। इस निर्णय से उन हजारों किसानों को राहत मिलेगी जिनकी फसल मौसम की बेरुखी की वजह से प्रभावित हुई थी, और अब वे अपनी उपज को बिना किसी परेशानी के सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ‘किसान हितैषी’ दृष्टिकोण
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करना उनकी प्रतिबद्धता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार ने केंद्र से लगातार पैरवी की थी ताकि फसल की गुणवत्ता में मामूली कमी के कारण किसानों पर कटौती का बोझ न पड़े। कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय साबित करता है कि डबल इंजन की सरकार पूरी तरह से किसानों के प्रति संवेदनशील है। अब मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद की प्रक्रिया में और तेज़ी आएगी।