हरियाणा विजन 2047: हरियाणा सरकार के विजन 2047 के तहत 2030 तक MSME और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने का लक्ष्य। डॉ. अमित अग्रवाल ने 5000 नए स्टार्टअप पंजीकरण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की योजना साझा की।
हरियाणा सरकार ने ‘विकसित भारत’ की तर्ज पर ‘हरियाणा विजन 2047’ के तहत राज्य को औद्योगिक विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार (नवाचार) में वैश्विक अग्रणी बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। इस विजन के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के सबसे मजबूत आर्थिक पावरहाउस के रूप में स्थापित करना है।
2030 तक MSME और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर फोकस
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने इस रणनीतिक योजना का विवरण साझा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक के लिए विशेष अल्पकालिक लक्ष्य निर्धारित किए हैं। उन्होंने कहा, “हमारा मुख्य ध्यान एमएसएमई (MSME) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूत करने पर है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स सिस्टम को विश्वस्तरीय बनाने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।”
नवाचार को बढ़ावा: 5 हजार नए स्टार्टअप्स का लक्ष्य
युवाओं को उद्यमी बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने नवाचार (Innovation) को अपनी प्राथमिकता में रखा है। डॉ. अमित अग्रवाल के अनुसार, विजन 2047 के तहत राज्य में 5 हजार से अधिक नए स्टार्टअप पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार स्टार्टअप्स के लिए बेहतर इकोसिस्टम, फंडिंग की सुविधा और मेंटरशिप प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे हरियाणा एक प्रमुख स्टार्टअप हब बनकर उभरेगा।
आधुनिक लॉजिस्टिक्स और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर
हरियाणा की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए राज्य को ‘लॉजिस्टिक्स हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि बेहतर ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी और वेयरहाउसिंग सुविधाओं से उद्योगों की लागत में कमी आएगी। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ‘ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर’ पर जोर दिया जा रहा है, ताकि विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बना रहे।