हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में SGST संग्रह वृद्धि के मामले में देश में पहला स्थान हासिल किया। राज्य ने 28% की वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 13% से काफी अधिक है।
हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह वृद्धि के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। राज्य सरकार के अनुसार, इस अवधि में हरियाणा ने 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत से काफी अधिक है। इस उपलब्धि को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य की आर्थिक गतिविधियों और कर प्रशासन में सुधार का परिणाम बताया जा रहा है।
देश के औसत से दोगुनी से अधिक रही वृद्धि
राज्य सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती चार महीनों में हरियाणा की SGST संग्रह वृद्धि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर रही। सरकार का कहना है कि बेहतर कर अनुपालन, डिजिटल व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों में तेजी के कारण राज्य के राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
जुलाई 2026 में 5,135 करोड़ रुपये का SGST संग्रह
एसजीएसटी संग्रह वृद्धि में हरियाणा देश में प्रथम
हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह वृद्धि के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत के मुकाबले 28 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 2, 2026
आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 में हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह 5,135 करोड़ रुपये रहा। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में राज्य का पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह 19,680 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा इजाफा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह 15,055 करोड़ रुपये था। इस बार यह बढ़कर 19,680 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो 28 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
राज्य सरकार का कहना है कि यह वृद्धि आर्थिक मजबूती, व्यापारिक गतिविधियों में विस्तार और कर संग्रह प्रणाली की दक्षता को दर्शाती है।
राजस्व बढ़ने से विकास कार्यों को मिलेगी गति
सरकार का मानना है कि SGST संग्रह में बढ़ोतरी से राज्य की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी। इससे बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और जनकल्याण योजनाओं पर अधिक निवेश करने में सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार लगातार निवेश को बढ़ावा देने, कारोबार को आसान बनाने और राजस्व संग्रह को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।