हरियाणा सरकार ने सूरजमुखी की खरीद 1 जून के बजाय 25 मई से शुरू करने का फैसला किया है। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने एजेंसियों को तैयारियों के निर्देश दिए।
हरियाणा के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत सूरजमुखी की सरकारी खरीद की तारीख को एक सप्ताह आगे बढ़ा दिया है। अब यह खरीद 1 जून के बजाय 25 मई, 2026 से राज्य भर की मंडियों में शुरू हो जाएगी।
किसानों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला
हरियाणा के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के कई इलाकों में सूरजमुखी की फसल पककर तैयार हो चुकी थी, जिसे देखते हुए किसानों की ओर से खरीद प्रक्रिया को जल्दी शुरू करने की लगातार मांग की जा रही थी। किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने खरीद का शेड्यूल एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस फैसले से कटाई के व्यस्त समय के दौरान मंडियों में फसल की आवक बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित हो सकेगी और किसानों को अपनी उपज निजी व्यापारियों को कम दाम पर बेचने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी।
मंडियों में पुख्ता प्रबंध के निर्देश
सूरजमुखी उगाने वाले किसानों को राहत देने के मकसद से हरियाणा सरकार ने रबी मार्केटिंग सीज़न 2026-27 के लिए प्राइस सपोर्ट स्कीम के तहत सूरजमुखी की फ़सल की खरीद एक हफ़्ता पहले शुरू कर दी है। यह खरीद, जो पहले 1 जून से शुरू होने वाली थी, अब पूरे राज्य की मंडियों में 25 मई से शुरू होगी।…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 24, 2026
कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने सभी संबंधित खरीद एजेंसियों को मंडियों में सभी जरूरी इंतजाम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- खरीद केंद्रों पर उचित बुनियादी ढांचा।
- फसल की तुलाई और उठान (lifting) की त्वरित व्यवस्था।
- किसानों को भुगतान की सुचारू प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा राज्य कृषि मार्केटिंग बोर्ड, हैफेड (HAFED), नाफेड (NAFED) और हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन जैसी एजेंसियों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने को कहा गया है।
मंत्री ने गर्व के साथ दोहराया कि हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सभी 24 प्रमुख फसलों की खरीद सुनिश्चित करता है। राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और उन्हें मंडियों में किसी भी असुविधा से बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।