हरियाणा में लेबर चौक सिस्टम को डिजिटल बनाने के लिए जल्द लॉन्च होगा ShramMitra App। श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा- अब मजदूरों को घर बैठे मिलेगा सीधा रोजगार, बिचौलियों का खेल होगा खत्म
चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और दिहाड़ी मजदूरों को एक बड़ा तोहफा देने की तैयारी की है। राज्य में दशकों पुराने ‘लेबर चौक’ (Labour Chowk) सिस्टम को पूरी तरह डिजिटल रूप देने के लिए जल्द ही “श्रममित्र” (ShramMitra) मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा।
हरियाणा के श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री अनिल विज (Anil Vij) ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक कदम से न केवल मजदूरों को काम के लिए सुबह-सुबह चौकों पर घंटों इंतजार करने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि रोजगार की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और आसान हो जाएगी।
अब लेबर चौक पर नहीं लगना पड़ेगा लाइन, मोबाइल पर मिलेगा काम
श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि हरियाणा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (HBOCW) द्वारा इस विशेष “ShramMitra” ऐप को विकसित किया गया है।
इस ऐप के आने के बाद प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, बढ़ई (कारपेंटर), राजमिस्त्री और अन्य कुशल व अकुशल श्रमिकों को अपनी दिहाड़ी और रोजगार के लिए किसी विशेष स्थान या चौक पर खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सीधे अपने मोबाइल के जरिए काम पा सकेंगे।
“श्रममित्र” ऐप के मुख्य फायदे और विशेषताएं:
- बिचौलियों (Middlemen) का खेल खत्म: ऐप के जरिए नियोक्ता (Employers) और श्रमिक सीधे एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे, जिससे कमीशनखोरों और बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
- सत्यापित कार्यबल (Verified Workforce): नियोक्ताओं को सीधे अपनी जरूरत के अनुसार सत्यापित, कुशल (Skilled) और अकुशल (Unskilled) श्रमिक आसानी से मिल जाएंगे।
- सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: श्रमिकों को केंद्र और हरियाणा सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं और कौशल विकास (Skill Development) कार्यक्रमों की जानकारी भी इस ऐप पर सीधे उपलब्ध होगी।
- पारदर्शिता और त्वरित भुगतान: डिजिटल रिकॉर्ड होने के कारण श्रमिकों को समान अवसर मिलेंगे और उनके शोषण की गुंजाइश खत्म होगी।
नियोक्ताओं और श्रमिकों दोनों के लिए ‘विंडो’
अनिल विज ने कहा कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म हरियाणा के श्रम बाजार में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा। जहां एक तरफ श्रमिकों को सम्मानजनक तरीके से उनके घर बैठे रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ आम नागरिकों या बड़ी निर्माण कंपनियों (Employers) को काम के लिए सही और कुशल वर्कफोर्स खोजने में समय की बर्बादी नहीं करनी होगी।
सरकार का लक्ष्य इस ऐप के माध्यम से असंगठित क्षेत्र को पूरी तरह से संगठित और डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के हर हाथ को काम और हर काम को सही दाम मिल सके।