हरियाणा का SGST संग्रह चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में 29% बढ़कर ₹24,662 करोड़ पहुंच गया। अगस्त 2026 में SGST राजस्व ₹4,982 करोड़ रहा।
हरियाणा ने राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह में देशभर में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में हरियाणा का SGST संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर ₹24,662 करोड़ हो गया है। यह वृद्धि राष्ट्रीय औसत 16 प्रतिशत से काफी अधिक है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में हरियाणा SGST संग्रह की वृद्धि दर के मामले में देश में सबसे आगे रहा है।
अगस्त में भी SGST राजस्व में 21% की बढ़ोतरी
अगस्त 2026 में भी हरियाणा के SGST राजस्व में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इस महीने राज्य को ₹4,982 करोड़ का SGST राजस्व प्राप्त हुआ, जो अगस्त 2025 की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। आधिकारिक GST आंकड़ों में हरियाणा का अगस्त 2026 का पोस्ट-सेटलमेंट SGST ₹4,982 करोड़ दर्ज किया गया है।
राष्ट्रीय औसत से काफी आगे हरियाणा
एसजीएसटी संग्रह में हरियाणा ने देशभर में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में प्रदेश का एसजीएसटी संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर ₹24,662 करोड़ पहुंचा, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 16 प्रतिशत रही।
अगस्त 2026 में भी एसजीएसटी से ₹4,982 करोड़ का राजस्व प्राप्त…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 2, 2026
हरियाणा की SGST वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से लगातार बेहतर रही है। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से अगस्त तक पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह ₹19,174 करोड़ से बढ़कर ₹24,662 करोड़ हो गया, यानी इसमें 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसी अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर SGST वृद्धि करीब 16 प्रतिशत रही।
देश के कुल GST योगदान में हरियाणा की बड़ी हिस्सेदारी
सरकार के अनुसार, देश के कुल GST करदाताओं में हरियाणा की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन देश के कुल GST संग्रह में राज्य का योगदान करीब 7.7 प्रतिशत है। यह आंकड़ा राज्य में मजबूत कर संग्रह और आर्थिक गतिविधियों को दर्शाता है।
राजस्व बढ़ोतरी को सरकार ने बताया आर्थिक मजबूती का संकेत
SGST संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि को हरियाणा सरकार के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि कर संग्रह में बढ़ोतरी से प्रदेश की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलती है और विकास एवं जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
हरियाणा इससे पहले भी SGST वृद्धि दर के मामले में बेहतर प्रदर्शन कर चुका है। मई 2026 में राज्य ने 22 प्रतिशत की SGST वृद्धि के साथ सभी राज्यों में पहला स्थान हासिल किया था, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि 6 प्रतिशत रही थी।