Table of Contents
कुरुक्षेत्र में प्राकृतिक खेती सम्मेलन: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। जानें हरियाणा में 20,727 एकड़ में हुई प्राकृतिक खेती की सफलता।
कुरुक्षेत्र: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में आयोजित ‘प्राकृतिक एवं जैविक खेती सम्मेलन’ में प्रदेश की कृषि दिशा को बदलने का आह्वान किया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल द्वारा प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे अनुकरणीय कार्यों की सराहना की।
प्राकृतिक खेती: भविष्य की आवश्यकता
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने कुरुक्षेत्र में आयोजित प्राकृतिक एवं जैविक खेती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने गुजरात के राज्यपाल @ADevvrat का स्वागत करते हुए कहा कि वे प्राकृतिक एवं जैविक खेती के प्रसार के लिए अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं।
“वर्ष… pic.twitter.com/EZVZwXKgSQ
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 7, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती केवल एक वैकल्पिक खेती का तरीका नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “हमें अपने बच्चों को उपजाऊ भूमि, स्वच्छ जल और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण सौंपना है, जिसके लिए प्राकृतिक खेती को अपनाना अनिवार्य है।”
प्रमुख आंकड़े और प्रगति
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 के दौरान हरियाणा में 20,727 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती का सफल अभ्यास किया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि प्राकृतिक संसाधनों का सही उपयोग करके, रसायनों (Chemical fertilizers) के बिना भी उतनी ही उपज प्राप्त की जा सकती है, जितनी रासायनिक खादों के उपयोग से होती है।
किसानों के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे धीरे-धीरे रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि मिट्टी की उर्वरता को बचाया जा सके और कृषि को टिकाऊ बनाया जा सके।