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हरियाणा के वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के हालिया विवादित बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विज ने साफ किया कि कथावाचक और संत में बड़ा फर्क होता है। उन्होंने कहा कि कोई भी चार किताबें पढ़कर कथावाचक बन सकता है, लेकिन संत वे होते हैं जिन्होंने धार्मिक, आध्यात्मिक या नैतिक स्तर पर उच्च दर्जा प्राप्त किया हो।
अनिल विज ने दी तीखी प्रतिक्रिया
मंत्री अनिल विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “कथावाचक और संत में बहुत फर्क होता है। कथावाचक कोई भी चार किताबें पढ़कर बन जाता है, लेकिन संत वे होते हैं जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर ईश्वर के साथ एकाकार हो गए हों। लोगों को कथावाचकों के बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि संतों की वाणी को मानना चाहिए।”
कथावाचक और संत में बहुत अंतर होता है । हाल ही में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के कई बयानों पर विवाद खड़ा हो गया है । कथावाचक कोई भी चार किताबें पढ़ कर बन जाता है परन्तु संत वह होते हैं जिन्होंने धार्मिक, आध्यात्मिक या नैतिक रूप से उच्च दर्जा प्राप्त हो।जिन्होंने आध्यात्मिक ज्ञान…
— Anil Vij Minister Haryana, India (@anilvijminister) August 4, 2025
अनिरुद्धाचार्य का विवादित बयान
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने हाल ही में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कुछ लड़कियों के लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, “कुछ लड़कियां लिव-इन में रहकर, चार जगह मुंह मारकर किसी घर की बहू बन जाएंगी तो क्या रिश्ते निभा पाएंगी?” इस बयान पर समाज के कई वर्गों ने कड़ी निंदा की और विवाद खड़ा हो गया। अनिरुद्धाचार्य ने बाद में सफाई दी कि यह बात “सभी लड़कियों” के लिए नहीं बल्कि “कुछ” के लिए थी, लेकिन इसे गलत तरीके से समझा गया।
तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्ड पर भी उठाया सवाल
अनिल विज ने एक और राजनीतिक मुद्दा उठाते हुए बिहार के विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्ड होने की खबर पर भी सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव के दो वोटर कार्ड ने राहुल गांधी के एटम बम को भी फेल कर दिया। अगर उनके पास दो कार्ड हैं, तो उनके समर्थकों के पास सैकड़ों होंगे। बिहार में फर्जी वोटरों की समस्या गंभीर है।”