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CM नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में निवेशकों को जमीन, इंसेंटिव और मंजूरी के साथ रणनीतिक साझेदारी मिलेगी। सरकार का फोकस ‘फाइल मूवमेंट नहीं, प्रोजेक्ट मूवमेंट’ पर है।
हरियाणा को देश के प्रमुख निवेश और विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार की निवेश नीति को लेकर बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में निवेशकों को केवल जमीन, इंसेंटिव और मंजूरियां उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य नहीं है, बल्कि राज्य निवेशकों के साथ रणनीतिक साझेदारी के आधार पर आगे बढ़ रहा है। इस साझेदारी की नींव बड़े स्तर पर निवेश, तेज निर्णय प्रक्रिया, नीतिगत स्थिरता और साझा समृद्धि पर आधारित है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार की कार्यशैली पारंपरिक ‘फाइल मूवमेंट’ तक सीमित नहीं है। सरकार का लक्ष्य ‘फाइल मूवमेंट नहीं, प्रोजेक्ट मूवमेंट’ सुनिश्चित करना है, ताकि निवेश प्रस्तावों को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके और इनसे रोजगार तथा आर्थिक विकास के अवसर पैदा हों।
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य में ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां देश और दुनिया के निवेशकों को अपनी परियोजनाएं स्थापित करने में सुविधा मिले। सरकार का जोर नीतिगत स्पष्टता, तेज मंजूरी और निवेश परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर है।
हरियाणा की भौगोलिक स्थिति, मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक आधार और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निकटता राज्य को निवेश के लिए महत्वपूर्ण स्थान बनाते हैं। सरकार इन खूबियों को नई औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश के अवसरों में बदलने की दिशा में काम कर रही है।
उद्योग जगत के साथ मिलकर विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार उद्योग क्षेत्र के साथ मिलकर राज्य को देश का अग्रणी निवेश और विकास केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय से न केवल निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार का मानना है कि किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति में उद्योगों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसलिए निवेशकों की जरूरतों को समझते हुए नीतियां तैयार करना और उनके सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान करना जरूरी है।
नीतिगत स्थिरता से निवेशकों का भरोसा मजबूत करने की कोशिश
हरियाणा में निवेशकों को केवल भूमि, प्रोत्साहन और अप्रूवल ही नहीं मिलते, बल्कि हरियाणा स्केल, स्पीड, नीति-निश्चितता और सांझा समृद्धि पर आधारित एक रणनीतिक सांझेदारी प्रदान करता है। हरियाणा सरकार फाइल मूवमेंट पर नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट मूवमेंट पर विश्वास करती है।
हरियाणा सरकार… pic.twitter.com/I8lZEMX9EE
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 24, 2026
निवेशकों के लिए नीतिगत स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। किसी परियोजना में बड़ा निवेश करने से पहले कंपनियां लंबे समय की नीतियों, मंजूरी प्रक्रिया, बुनियादी ढांचे और कारोबारी वातावरण का आकलन करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार निवेशकों को नीति की स्पष्टता और स्थिरता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को परियोजना शुरू करने से लेकर उसे जमीन पर उतारने तक आवश्यक सहयोग मिले। इससे निवेश प्रक्रिया में अनिश्चितता कम करने और परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
‘स्केल, स्पीड और पॉलिसी सर्टेनिटी’ पर जोर
मुख्यमंत्री के संदेश में निवेश रणनीति के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं—स्केल, स्पीड और पॉलिसी सर्टेनिटी—पर विशेष जोर दिखाई दिया। हरियाणा सरकार बड़े निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ परियोजनाओं को तेजी से लागू करने और निवेशकों को नीतिगत भरोसा देने की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
सरकार का मानना है कि निवेश तभी वास्तविक आर्थिक विकास में बदलता है, जब परियोजनाएं समय पर धरातल पर उतरें। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट मूवमेंट’ को प्राथमिकता देने की बात कही है।
रोजगार और साझा समृद्धि को मिलेगा बढ़ावा
हरियाणा में नए निवेश और औद्योगिक परियोजनाओं का सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ सकता है। सरकार की रणनीति में निवेश के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाना भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने ‘शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी’ यानी साझा समृद्धि पर जोर देते हुए संकेत दिया कि राज्य के विकास का लाभ उद्योगों के साथ-साथ आम नागरिकों और युवाओं तक भी पहुंचना चाहिए। नई परियोजनाओं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
हरियाणा को देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुताबिक, हरियाणा सरकार और उद्योग जगत मिलकर राज्य को देश के अग्रणी निवेश एवं विकास केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए मजबूत औद्योगिक आधार, बेहतर कनेक्टिविटी, निवेश-अनुकूल नीतियां और तेज प्रशासनिक प्रक्रियाओं को महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है।
सरकार का संदेश साफ है कि निवेशकों के लिए हरियाणा केवल जमीन, प्रोत्साहन और मंजूरियां उपलब्ध कराने वाला राज्य नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी के लिए तैयार एक निवेश गंतव्य है। ‘फाइल मूवमेंट’ के बजाय ‘प्रोजेक्ट मूवमेंट’ का मंत्र राज्य में निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने और आर्थिक विकास को गति देने की सरकार की रणनीति को दर्शाता है।