मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई HPPC की बैठक में राज्य की गौशालाओं के लिए 820 ई-रिक्शा और कैथल, फरीदाबाद तथा गुरुग्राम की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
चंडीगढ़ में आयोजित हाई-पावर्ड परचेज कमेटी (HPPC) की उच्चस्तरीय बैठक में हरियाणा के विकास और जन-कल्याण को गति देने वाले कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने, पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने और राज्य की गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन योजनाओं का सीधा उद्देश्य राज्य के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों में तेजी लाना है।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिलेंगे 820 ई-रिक्शा
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में हुई हाईपावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में जनकल्याण एवं आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों को मंजूरी दी गई।
गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 820 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाए जाएंगे। कैथल में सीवरेज व्यवस्था सुदृढ़ करने, खेदड़… pic.twitter.com/3u702RONpm
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 20, 2026
राज्य सरकार ने प्रदेश की गौशालाओं को वित्तीय रूप से मजबूत और प्रबंधकीय रूप से सक्षम बनाने के लिए 10.25 करोड़ रुपये की लागत से 820 ई-रिक्शा खरीदने की मंजूरी दी है। इस पहल के तहत जिन गौशालाओं में 1,000 तक पशुधन हैं, उन्हें एक ई-रिक्शा प्रदान किया जाएगा, जबकि 1,000 से अधिक पशुधन वाली गौशालाओं को दो ई-रिक्शा दिए जाएंगे। इन ई-रिक्शों के मिलने से गौशालाओं के दैनिक संचालन और मवेशियों के रख-रखाव में बड़ी सहूलियत मिलेगी, जिससे राज्य का गौ-सेवा मॉडल और अधिक सुदृढ़ तथा आत्मनिर्भर बन सकेगा।
कैथल, फरीदाबाद और गुरुग्राम में बुनियादी ढांचे का विस्तार
बैठक में विभिन्न शहरों के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई। कैथल शहर में वर्ष 2042 तक की अनुमानित आबादी और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सीवरेज नेटवर्क के विस्तार और नई लाइनें बिछाने को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही खेदड़ में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन और आरसीसी टैंक निर्माण के काम को मंजूरी मिली। फरीदाबाद के यमुना जलभराव वाले क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने के लिए 10 MLD क्षमता के 5 नए रैनवेल ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, गुरुग्राम के बसई में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के तहत 1,000 MLD की विशाल क्षमता वाले दूसरे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
सरकारी खजाने की बचत और मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश
इस बैठक की एक प्रमुख उपलब्धि यह रही कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के चलते राज्य सरकार को लगभग 16.58 करोड़ रुपये की सीधी बचत हुई है। बैठक के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर और निर्माण की उच्च गुणवत्ता बनाए रखते हुए पूरा किया जाए। उन्होंने ताकीद की कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।