केंद्र सरकार के डी-रेगुलेशन अभियान के तहत हरियाणा ने 28 में से 21 प्राथमिकता सुधारों को दी मंजूरी। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बचे काम समय पर पूरे करने के दिए निर्देश।
केंद्र सरकार के ‘अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन अभियान’ (Compliance Reduction and Deregulation Campaign) के तहत हरियाणा ने उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। राज्य सरकार ने 28 में से 21 प्राथमिकता सुधारों को या तो मंजूरी दे दी है या उन्हें लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचा दी है। इस उपलब्धि के साथ हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल हो गया है जो कारोबार और नागरिक सेवाओं को सुगम बनाने में सबसे आगे हैं।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश
हरियाणा के मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने अनुपालन में कमी और डी-रेगुलेशन के द्वितीय चरण की समीक्षा के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए कि बचे हुए सुधारों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि प्रगति रिपोर्ट और उनसे जुड़े वृत्तचित्र प्रमाणों (Documentary Evidence) को समय पर MIS पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सही समय पर दस्तावेज पोर्टल पर दर्ज होने से ही राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा के सुधारों और प्रगति का सटीक मूल्यांकन हो सकेगा।
मुख्य सुधार क्षेत्र और उद्योग-मित्र पहल
हरियाणा सरकार ने अनुपालन में कमी (Compliance Reduction) एवं विनियमन-सरलीकरण (Deregulation) अभियान के तहत 28 प्राथमिकता वाले सुधारों में से 21 सुधारों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार के इस अभियान में हरियाणा अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग… pic.twitter.com/cDbjyasoGK
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 20, 2026
राज्य में लागू किए जा रहे सुधारों के अंतर्गत कई प्रमुख प्रशासनिक बदलाव शामिल हैं:
- बिजली और सिंगल विंडो क्लीयरेंस: बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को तेज किया गया है और सिंगल विंडो सिस्टम के तहत आवेदनों के निपटारे में लगने वाले समय में कमी लाई गई है।
- व्यापारिक नियम और दुकान लाइसेंस: दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नियमों को सरल बनाया गया है।
- राइट टू सर्विसेज में ऑटो-अपील: नागरिक सेवाओं को समय पर देने के लिए सेवा का अधिकार (Right to Services) ढांचे के तहत स्वचालित अपील (Auto-Appeal) तंत्र लागू किया गया है।
- एमएसएमई और औद्योगिक नीतियां: एमएसएमई (MSME) इकाइयों के लिए पर्यावरण मंजूरी और परीक्षण सुविधाओं को आसान बनाया गया है। साथ ही, औद्योगिक भूखंडों के प्रबंधन में लचीलापन और निर्माण स्वीकृति प्रक्रियाओं को सरल किया गया है।
हरियाणा सरकार का लक्ष्य अनावश्यक कानूनी पेचीदगियों और अनुपालन के बोझ को खत्म कर राज्य में निवेश और व्यवसाय के लिए एक पारदर्शी और सुगम वातावरण तैयार करना है।