हरियाणा का जीएसटी संग्रह जून 2026 में 14.66% बढ़ा। जानें कैसे छोटी जनसंख्या के बावजूद राज्य राष्ट्रीय जीएसटी में 7.4% का योगदान दे रहा है।
हरियाणा राज्य ने जीएसटी (GST) राजस्व संग्रह में अपनी अग्रणी स्थिति को एक बार फिर सिद्ध कर दिया है। अपनी भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या के अनुपात में हरियाणा का जीएसटी योगदान बेहद प्रभावशाली है। राज्य भारत के कुल क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत और जनसंख्या का मात्र 2.2 प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद, राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का बड़ा योगदान दे रहा है।
राजस्व में दोगुनी वृद्धि
वित्त वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच हरियाणा के जीएसटी राजस्व में दोगुनी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़े राज्य की मजबूत अर्थव्यवस्था, बेहतर कर प्रशासन और प्रभावी अनुपालन (Compliance) का प्रमाण हैं। राज्य सरकार द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित प्रवर्तन और कर चोरी रोकने के लिए अपनाई गई सख्त नीतियों ने इस विकास को गति दी है।
जून 2026 में प्रदर्शन और रैंकिंग
जीएसटी राजस्व वृद्धि में हरियाणा ने कायम रखा देश में अग्रणी स्थान!
भारत के कुल क्षेत्रफल का केवल 1.34 प्रतिशत और राष्ट्रीय जनसंख्या का केवल 2.2 प्रतिशत होने के बावजूद हरियाणा राष्ट्रीय जीएसटी संग्रह में लगभग 7.4 प्रतिशत का योगदान देता है। वित्त वर्ष 2018-19 और 2024-25 के बीच… pic.twitter.com/xnO2B3AJZc
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 2, 2026
आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त और सचिव, श्रीमती आशिमा बराड़ के अनुसार, “हरियाणा ने जून 2025 की तुलना में जून 2026 में जीएसटी संग्रह में 14.66 प्रतिशत की प्रभावशाली विकास दर दर्ज की है। जून 2026 के दौरान, कुल संग्रह के मामले में हरियाणा गुजरात और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख राज्यों के बाद तीसरे स्थान पर रहा है।”
राज्य की इस निरंतर सफलता के प्रमुख कारण:
- प्रभावी कर प्रशासन: विभाग द्वारा फर्जी करदाताओं के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान और डेटा एनालिटिक्स का बेहतर उपयोग।
- उपभोक्ता-अनुकूल सुधार: करदाताओं की सुविधा के लिए जीएसटी नोटिस और सारांश आदेशों को अब पंजीकृत/स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजने की शुरुआत, जिसे मुख्यमंत्री द्वारा बजट 2026-27 में घोषित किया गया था।
- औद्योगिक विकास: राज्य की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और उद्योग जगत के साथ बेहतर समन्वय।
हरियाणा सरकार का आबकारी एवं कराधान विभाग लगातार टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को अधिक पारदर्शी और व्यावसायिक रूप से सरल (Business-friendly) बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे भविष्य में भी राज्य के जीएसटी राजस्व में सकारात्मक वृद्धि की उम्मीद है।