हरियाणा सरकार ने दिव्यांग छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹50 लाख तक की एजुकेशन लोन योजना शुरू की है। इसके तहत देश और विदेश में व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा के लिए ऋण मिलेगा।
हरियाणा सरकार ने दिव्यांग (differently-abled) छात्रों को उच्च शिक्षा से जोड़ने, उनके सपनों को साकार करने और उन्हें पूरी तरह से आत्मनिर्भर (Self-reliant) बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। राज्य सरकार ने विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी एजुकेशन लोन स्कीम (Education Loan Scheme for Persons with Disabilities) की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक (Vocational) और तकनीकी (Technical) शिक्षा हासिल करने के लिए ₹50 लाख तक का शिक्षा ऋण (Education Loan) उपलब्ध कराया जाएगा।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम की बड़ी पहल
राज्य सरकार की इस कल्याणकारी योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने की जिम्मेदारी ‘हरियाणा पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम’ (Haryana Backward Classes and Economically Weaker Sections Welfare Corporation) को सौंपी गई है। निगम के माध्यम से ही पात्र दिव्यांग छात्रों को बेहद सरल प्रक्रियाओं और रियायती ब्याज दरों पर यह ऋण आवंटित किया जाएगा, ताकि पैसों की तंगी या किसी भी शारीरिक बाधा के कारण राज्य का कोई भी होनहार छात्र अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े।
देश ही नहीं, विदेशों में भी उच्च शिक्षा पाने का सुनहरा मौका
हरियाणा सरकार ने दिव्यांग विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने, उच्च शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शिक्षा ऋण योजना लागू की है।
हरियाणा पिछड़ा वर्ग तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम के माध्यम से पात्र दिव्यांग…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 19, 2026
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसका लाभ केवल भारत के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेशों के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों (Institutions Abroad) में पढ़ने की चाह रखने वाले पात्र छात्रों को भी मिलेगा।
- घरेलू शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता: देश के प्रतिष्ठित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में तकनीकी व व्यावसायिक डिग्री/डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए ₹50 लाख तक का लोन।
- विदेशी शिक्षा के लिए समान अवसर: वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने और ग्लोबल एक्सपोजर हासिल करने के लिए भी छात्र इस ऋण का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्य पात्रता मानदंड और जरूरी दस्तावेज (Key Highlights)
योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने कुछ आवश्यक गाइडलाइंस तय की हैं:
- मूल निवासी: आवेदक का हरियाणा राज्य का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है।
- दिव्यांगता का प्रतिशत: सक्षम चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी न्यूनतम 40% या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रामाणिक प्रमाण पत्र होना चाहिए।
- आवश्यक पहचान पत्र: आवेदन के समय आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (PPP ID) होना अनिवार्य है।
इस महत्वपूर्ण पहल के माध्यम से हरियाणा सरकार शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी (Inclusive) बनाने तथा समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करने के अपने विज़न को तेजी से आगे बढ़ा रही है।