हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: नूंह के दादू गांव में बनेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज, 60 सीटों को मिली मंजूरी

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: नूंह के दादू गांव में बनेगा सरकारी नर्सिंग कॉलेज, 60 सीटों को मिली मंजूरी

 

हरियाणा सरकार ने नूंह जिले के दादू गांव में 60 सीटों वाले नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को प्रशासनिक मंजूरी दी है। इससे मेवात और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा का अवसर मिलेगा।

हरियाणा सरकार ने राज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए नूंह जिले के दादू गांव में नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि यह कदम विशेष रूप से मेवात क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

60 वार्षिक सीटों वाले नर्सिंग कॉलेज को मिली मंजूरी

सरकार के अनुसार, नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज में प्रति वर्ष 60 सीटों पर प्रवेश की व्यवस्था होगी। इससे नूंह, मेवात और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में उच्च गुणवत्ता वाली नर्सिंग शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। अब छात्रों को नर्सिंग शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।

मेवात के युवाओं को मिलेगा सीधा लाभ

हरियाणा सरकार का मानना है कि इस कॉलेज की स्थापना से मेवात क्षेत्र के युवाओं, विशेषकर छात्राओं के लिए नए अवसर खुलेंगे। स्थानीय स्तर पर नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा उपलब्ध होने से अधिक संख्या में विद्यार्थी स्वास्थ्य क्षेत्र में अपना करियर बना सकेंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

सरकार का कहना है कि नए नर्सिंग कॉलेज से केवल शिक्षा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। प्रशिक्षित नर्सिंग पेशेवरों की उपलब्धता बढ़ने से अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में योग्य मानव संसाधन तैयार होंगे, जिससे आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में मदद मिलेगी।

शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार का फोकस

हरियाणा सरकार लगातार स्वास्थ्य और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना इसी प्रयास का हिस्सा है। सरकार का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना है, ताकि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक सशक्त बन सके।

 

 

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