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हरियाणा सरकार ने महेंद्रगढ़ के डोंगरा अहीर गांव में नया सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोलने की औपचारिक मंजूरी दी। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा।
हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और बेटियों को उच्च व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार द्वारा महेंद्रगढ़ जिले के गांव डोंगरा अहीर में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज (Government Nursing College) खोलने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जल्द से जल्द धरातल पर उतारने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आगामी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यवाही तेजी से शुरू की जा रही है।
इस संस्थान की स्थापना से न केवल महेंद्रगढ़ बल्कि आसपास के कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों का चिकित्सा ढांचा मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
ग्रामीणों की लंबे समय से लंबित मांग हुई पूरी: स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि डोंगरा अहीर और इसके आस-पास के दर्जनों गांवों के निवासियों द्वारा यहां एक नर्सिंग कॉलेज खोलने की मांग काफी समय से की जा रही थी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा:
हरियाणा सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है।
सरकार द्वारा महेंद्रगढ़ जिले के गांव डोंगरा अहीर में नया राजकीय नर्सिंग कॉलेज खोलने की औपचारिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है और जल्द ही इस परियोजना…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 16, 2026
“ग्रामीणों की इस बेहद जरूरी और वाजिब मांग को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने इस प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी दी है। यह नया संस्थान डोंगरा अहीर के साथ-साथ पूरे महेंद्रगढ़ जिले की युवतियों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा। हमारा लक्ष्य ग्रामीण अंचल की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना है।”
बेटियों को नहीं जाना पड़ेगा दूर, घर के पास मिलेगी गुणवत्तापूर्ण व्यावसायिक शिक्षा
इस कॉलेज की स्थापना का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र की छात्राओं को मिलेगा। अब तक ग्रामीण क्षेत्र की युवतियों को नर्सिंग जैसे सम्मानजनक और प्रोफेशनल कोर्स की पढ़ाई करने के लिए अपने घर और गांव से दूर बड़े शहरों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर वित्तीय और लॉजिस्टिक बोझ पड़ता था।
नया सरकारी कॉलेज खुलने से:
- छात्राएं अपने क्षेत्र में ही रहकर किफायती और उच्च गुणवत्ता वाली व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी।
- स्वास्थ्य सेवा (Healthcare Sector) के क्षेत्र में करियर बनाकर स्थानीय बेटियां आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से सुदृढ़ बन सकेंगी।
- ग्रामीण परिवारों पर बच्चों को बाहर भेजने में होने वाले अतिरिक्त खर्च का बोझ कम होगा।
क्षेत्र के चिकित्सा ढांचे को मिलेगी मजबूती: प्रक्रिया तेज करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि इस संस्थान के शुरू होने से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि आने वाले समय में राज्य को कुशल और प्रशिक्षित नर्सिंग प्रोफेशनल्स (Skilled Nursing Professionals) मिल सकेंगे। इससे सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मचारियों की उपलब्धता में सुधार होगा।
परियोजना की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि सभी तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए ताकि कॉलेज के भवन निर्माण और संचालन की प्रक्रिया जल्द से जल्द धरातल पर शुरू की जा सके।