हरियाणा के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ‘गो ग्लोबल’ पहल के तहत मोरनी में MDH के साथ समझौता हुआ। अब किसान तंजानिया और केन्या जैसे देशों में निर्यात करेंगे मसाले।
मोरनी (पंचकूला): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ‘गो ग्लोबल’ पहल को अब नई दिशा और गति मिल गई है। पंचकूला के मोरनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, राज्य के किसानों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में देश की प्रमुख मसाला कंपनी एमडीएच (MDH) और हरियाणा के छह किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
अफ्रीकी देशों तक होगा व्यापार का विस्तार
मुख्यमंत्री की ‘गो ग्लोबल’ पहल को नई उड़ान!
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की ‘गो ग्लोबल’ सोच को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 6 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) ने एमडीएच के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत अब हरियाणा के किसान तंजानिया, केन्या सहित अफ्रीकी… pic.twitter.com/NeYEDK8Mq3
— DPR Haryana (@DiprHaryana) June 3, 2026
इस समझौते का प्राथमिक उद्देश्य हरियाणा के किसानों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इस साझेदारी के माध्यम से हरियाणा के किसान अब तंजानिया, केन्या और अन्य अफ्रीकी देशों में कृषि और कृषि-व्यवसाय से जुड़े नए अवसरों का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकालकर कृषि उद्यमिता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार का मुख्य हिस्सा बनाना है।
मोरनी में प्राकृतिक खेती को मिलेगा बढ़ावा
समझौते के तहत मोरनी क्षेत्र में अदरक, हल्दी और मिर्च जैसी प्रमुख मसाला फसलों की व्यावसायिक खेती को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने पहले चरण में लगभग 4,000 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
किसानों के लिए विशेष लाभ:
10% अधिक मूल्य: प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उनकी उपज के लिए बाजार भाव से 10 प्रतिशत अधिक दाम एमडीएच कंपनी द्वारा दिए जाएंगे।
- नुकसान की भरपाई: प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को यदि किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल का नुकसान होता है, तो राज्य सरकार द्वारा उसकी भरपाई की जाएगी।
- तकनीकी मार्गदर्शन: एमडीएच कंपनी किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादन के तरीके और विपणन (मार्केटिंग) में सहायता प्रदान करेगी, ताकि खेती का स्तर अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने के विजन को मजबूती प्रदान करेगी। यह प्रयास हरियाणा को वैश्विक कृषि व्यापार के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा।