मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में बागवानी संवर्धन और कोल्ड चेन सेंटर का किया शिलान्यास। हरियाणा को एग्री-बिजनेस में अग्रणी बनाने का लिया संकल्प।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की कृषि और बागवानी व्यवस्था को आधुनिक दिशा देने के लिए दो बड़ी ऐतिहासिक परियोजनाओं का शुभारंभ किया। पंचकूला में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान सीएम सैनी ने ‘सतत बागवानी संवर्धन परियोजना’ (Sustainable Horticulture Promotion Project) का उद्घाटन किया और ‘हरियाणा एग्री बिजनेस एवं कोल्ड चेन सेंटर’ की आधारशिला रखी।
कृषि निर्यात में देश का अग्रणी राज्य बनेगा हरियाणा
इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषि में विविधीकरण (Diversification) आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य हरियाणा को न केवल बागवानी, बल्कि एग्री बिजनेस, खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और कृषि निर्यात के क्षेत्र में पूरे देश का ‘लीडर’ बनाना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से किसानों को उनकी फसलों का बेहतर मूल्य दिलाने और आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
किसानों के लिए वरदान साबित होगा कोल्ड चेन सेंटर
हरियाणा एग्री बिजनेस एवं कोल्ड चेन सेंटर के शिलान्यास पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बागवानी उत्पादों को खराब होने से बचाने के लिए कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। अक्सर किसान सही भंडारण सुविधा न होने के कारण अपनी उपज को कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होते हैं, लेकिन अब इस सेंटर के शुरू होने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी।
‘सतत बागवानी’ से पर्यावरण को मजबूती
सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण और आधुनिक खेती को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती बहुत उपजाऊ है और यदि हम इसमें बागवानी और खाद्य प्रसंस्करण को जोड़ दें, तो यह राज्य देश की अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बनेगा। इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन से न केवल युवाओं के लिए एग्री-बिजनेस के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि हरियाणा के किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।
सरकार की प्राथमिकताओं में कृषि विविधीकरण
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार ‘किसान हितैषी’ नीतियों पर काम कर रही है। चाहे वह फसलों का विविधीकरण हो या आधुनिक तकनीक से खेती, सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए ताकि इसका लाभ तुरंत किसानों तक पहुंच सके।