मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी क्षेत्र के लिए की बड़ी घोषणाएं। वीटा को दूध देने वाली महिलाओं को मिलेगा ₹10/लीटर इंसेंटिव और गांवों में स्थापित होंगी सांझी डेयरी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने राज्य के ग्रामीण अर्थतंत्र को मजबूती देने, किसानों की आय बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को वित्तीय रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से डेयरी क्षेत्र के लिए कई बड़े नीतिगत फैसलों का ऐलान किया है। सरकार की इस पहल से जहां एक ओर राज्य में सहकारिता आंदोलन को नई गति मिलेगी, वहीं दूसरी ओर पशुपालन से जुड़े परिवारों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा।
घोषणाओं के मुख्य बिंदु:
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने डेयरी क्षेत्र को नई गति देने, किसानों की आय बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणाएं की।
* वीटा को दूध उपलब्ध कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों तथा महिला सीएम पैक्स दोनों से जुड़ी…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 27, 2026
महिला SHGs के लिए ₹10 प्रति लीटर प्रोत्साहन: वीटा (Vita) को दूध सप्लाई करने वाली महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स (CM PACS) से जुड़ी महिला सदस्यों को 10 रुपये प्रति लीटर का अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जाएगा।
- पंचायती भूमि पर ‘सांझी डेयरी’: गांवों में पंचायती जमीन का उपयोग ‘सांझी डेयरी’ (Sanjhi Dairy) की स्थापना के लिए किया जाएगा, जिससे भूमिहीन पशुपालकों और महिला समूहों को सामूहिक रूप से आधुनिक सुविधाएं मिल सकें।
- रियायती दरों पर पशु ऋण: महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स की सदस्यों को नए दुधारू पशु खरीदने के लिए हरियाणा डेयरी विकास सहकारी महासंघ (HDDCF) के जरिए कम ब्याज दरों पर लोन मुहैया कराया जाएगा।
- दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना में बढ़ोतरी: ‘मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना’ के तहत मिलने वाले इंसेंटिव को बढ़ा दिया गया है। अब ग्रीष्मकालीन (गर्मी) मौसम के लिए इसे ₹5 से बढ़ाकर ₹7 प्रति लीटर और शीतकालीन (सर्दी) मौसम के लिए ₹3 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर कर दिया गया है।
ग्रामीण विकास और महिला आत्मनिर्भरता पर केंद्रित पहल
इन योजनाओं को लागू करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। डेयरी उद्योग और सहकारिता से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल अपने परिवारों का आर्थिक संबल बनेंगी, बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।