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पीएम मोदी की ईंधन बचाओ अपील के बाद हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी साइकिल चलाकर सुखना लेक पहुंचे। हरियाणा सरकार ने ईंधन खपत घटाने के लिए नई SOP जारी की है।
ईंधन बचाओ मुहिम: सुखना लेक पर साइकिल से पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, हरियाणा सरकार ने जारी की नई SOP
वैश्विक ऊर्जा संकट और बढ़ते ईंधन दामों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई ‘ईंधन बचाओ’ (Save Fuel) की अपील का असर अब जमीन पर बड़े स्तर पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में एक बड़ा उदाहरण पेश करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार सुबह अपने सरकारी आवास से साइकिल चलाकर चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना लेक पहुंचे। मुख्यमंत्री के साथ उनके सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर सवार नजर आए। सुखना लेक पहुंचने के बाद सीएम सैनी ने मॉर्निंग वॉक की और वहां मौजूद आम नागरिकों से मुलाकात कर ‘स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा’ का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री की इस पहल को प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए एक बेहद प्रभावी कदम माना जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने जारी की नई SOP: ‘वर्क फ्रॉम होम’ और वर्चुअल मीटिंग्स पर जोर
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल की बचत करें… pic.twitter.com/NVMFRBxZ4R
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) May 19, 2026
प्रधानमंत्री की अपील को प्रशासनिक स्तर पर लागू करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार ने ईंधन की खपत को कम करने के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस नई नीति के तहत प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े बदलाव किए गए हैं:
- वर्चुअल कूटनीति: सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे अनावश्यक यात्राओं से बचें और ज्यादा से ज्यादा बैठकें वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) से आयोजित करें।
- वर्क फ्रॉम होम: जहां भी संभव हो, प्रशासनिक कामकाज में ‘वर्क फ्रॉम होम’ (Work From Home) और व्हीकल पूलिंग जैसे विकल्पों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- काफिले में कटौती: मुख्यमंत्री ने स्वयं पहल करते हुए अपने आधिकारिक सुरक्षा काफिले (Convoy) की गाड़ियों की संख्या को घटाकर आधा कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सप्ताह में एक दिन बिना किसी सरकारी गाड़ी के काम करने का संकल्प लिया है।
सीएम सैनी ने विपक्ष से भी अपील की कि वे इस संकट की घड़ी में राजनीति से ऊपर उठकर ‘विकसित भारत’ के इस महत्वपूर्ण संकल्प में सरकार और जनता का साथ दें।
देशभर के मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने छोटे किए अपने काफिले
उल्लेखनीय है कि मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल को देखते हुए पीएम मोदी ने हाल ही में देशवासियों से ईंधन बचाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिकतम इस्तेमाल करने का आग्रह किया था।
पीएम की इस अपील के बाद देश के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। न केवल खुद पीएम मोदी बल्कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्रीय मंत्रियों ने अपने काफिले छोटे कर लिए हैं। हरियाणा के कई कैबिनेट मंत्रियों (जैसे कृष्ण कुमार बेदी और गौरव गौतम) को भी चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए साइकिल से जाते देखा गया। वहीं, दिल्ली और अन्य राज्यों के मंत्री भी कारों को छोड़कर सरकारी मेट्रो और बसों में सफर करते नजर आ रहे हैं।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दिया जवाब
दूसरी तरफ, विपक्ष ने ईंधन बचाने की इस मुहिम को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार को देश के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि ऐसी कौन सी नौबत आ गई है जिसके कारण इस प्रकार की आपातकालीन अपील करनी पड़ रही है।
इस पर सरकार की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कोई कमी नहीं है और रूस सहित अन्य देशों से आपूर्ति निरंतर जारी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय दबाव और ऊंचे दामों को संतुलित करने तथा संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए यह देशव्यापी बचत मुहिम चलाई जा रही है।