हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हाई पावर परचेज कमेटी (HPPC) की बैठक हुई, जिसमें बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल शिक्षा से जुड़े कई खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में ‘हाई पावर परचेज कमेटी’ (HPPC) और ‘हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी’ (HPWPC) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़े कई अहम खरीद प्रस्तावों और विकास परियोजनाओं के एजेंडों को विस्तार से समीक्षा के बाद मंजूरी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि राज्य में चल रहे विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या गुणवत्ता के मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मोलतोल (Negotiation) से सरकारी खजाने की हुई भारी बचत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पारदर्शी नीतियों के चलते इस बैठक में न केवल विकास कार्यों को हरी झंडी दिखाई गई, बल्कि सरकारी पैसे के सदुपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
समितियों के सामने रखे गए विभिन्न प्रस्तावों पर बोलीदाताओं (Bidders) के साथ गहन मोलतोल (Negotiation) किया गया। इस सफल बातचीत के परिणामस्वरूप विभिन्न प्रोजेक्ट्स की दरों में संशोधन कराकर करोड़ों रुपये की सीधी बचत सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स के एक-एक पैसे का उपयोग पूरी ईमानदारी और कुशलता के साथ किया जाना चाहिए।
इन प्रमुख विभागों के एजेंडों को मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में आयोजित हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम खरीद एजेंडों को मंजूरी दी गई।#Haryana #HPPC pic.twitter.com/fCx9o1viB8
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 20, 2026
बैठक के दौरान राज्य के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए:
- ऊर्जा क्षेत्र (Energy & Power): राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए UHBVN और DHBVN के तहत नए सब-स्टेशनों के निर्माण, ट्रांसफार्मर की खरीद और बिजली उपकरणों के रखरखाव से जुड़े टेंडर्स को मंजूरी दी गई।
- शहरी विकास एवं स्वच्छता: विभिन्न महानगरीय विकास प्राधिकरणों (Metropolitan Development Authorities) के अंतर्गत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ड्रेनेज सिस्टम और ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) से जुड़ी परियोजनाओं को हरी झंडी दिखाई गई।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: सरकारी मेडिकल कॉलेजों और स्कूलों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, आधुनिक आईटी उपकरण (IT Equipment) की सप्लाई और बुनियादी सुविधाओं को अपग्रेड करने के प्रस्तावों को पास किया गया।
“समय सीमा और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से हो पालन” – मुख्यमंत्री
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि जिन भी खरीद प्रस्तावों या निर्माण कार्यों के टेंडर स्वीकृत किए गए हैं, उनकी नियमित रूप से जमीनी मॉनिटरिंग (Regular Monitoring) की जाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर और तय किए गए उच्च तकनीकी मानकों के अनुरूप ही पूरे होने चाहिए। बेहतर काम करने वाली एजेंसियों को सरकार प्रोत्साहित करेगी, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।