हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 250 नए ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों’ का शुभारंभ किया। जानें इन स्कूलों में मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं और शिक्षा प्रणाली के बारे में।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर की बनाने की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 के बजट में की गई घोषणा को धरातल पर उतारते हुए, मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों’ (Chief Minister Excellence and Early English Schools) का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के पहले चरण में राज्य भर में चिन्हित 250 विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं के साथ शुरू किया गया है।
प्रधानमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय की तर्ज पर होंगे विकसित
‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों’ की शुरुआत
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने शिक्षा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्टता एवं प्रारंभिक अंग्रेजी विद्यालयों’ की शुरुआत की। वर्ष 2026-27 के बजट घोषणा के अनुरूप पहले चरण में चिन्हित 250… pic.twitter.com/2jlxRF7azy
— DPR Haryana (@DiprHaryana) May 20, 2026
इन स्कूलों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इन्हें प्रधानमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय और आदर्श विद्यालयों की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इन विद्यालयों का उद्देश्य सरकारी शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करना और विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। ये सभी विद्यालय हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होंगे।
हिंदी और अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
छात्रों को आधुनिक समय की मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए इन स्कूलों में द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेजी) माध्यम में शिक्षण व्यवस्था होगी। सरकार का लक्ष्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा मिले जो उन्हें आगे चलकर प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और करियर में बढ़त दिला सके।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे विद्यालय
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन 250 विद्यालयों में आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इनमें शामिल होंगी:
- स्मार्ट कक्षाएं (Smart Classrooms): डिजिटल शिक्षा के लिए अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कक्षाएं।
- आधुनिक प्रयोगशालाएं: विज्ञान और अन्य विषयों के लिए बेहतर लैब।
- बेहतर आधारभूत ढांचा: स्कूलों में खेल के मैदान, साफ-सफाई और अन्य जरूरी संसाधन।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षक: छात्रों को सिखाने के लिए विशेष रूप से तैयार शिक्षण व्यवस्था।
शिक्षा के प्रति सरकार का समर्पण
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार, “यह विद्यालय केवल इमारतें नहीं हैं, बल्कि ये हरियाणा के बच्चों के सुनहरे भविष्य की नींव हैं।” सरकार का ध्येय है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधन की कमी के कारण पीछे न रहे। इस पहल के बाद शिक्षा विभाग ने शेष विद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से इसी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना तैयार की है। यह निर्णय हरियाणा में सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों के विश्वास को और भी अधिक मजबूत करेगा।