हरियाणा विधानसभा: हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कॉमन कैडर कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए ‘हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज विधेयक 2026’ पारित किया। जानें पदोन्नति कोटा और नई शर्तों के बारे में।
हरियाणा विधानसभा: हरियाणा की नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) सरकार ने राज्य के हज़ारों ग्रुप-डी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए विधानसभा के विशेष सत्र में एक महत्वपूर्ण विधेयक पारित किया है। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 को आयोजित इस सत्र में ‘हरियाणा क्लेरिकल सर्विसेज (भर्ती और सेवा शर्तें) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी गई।
इस कदम से कॉमन कैडर के तहत काम करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति (Promotion) की प्रक्रिया न केवल सरल होगी, बल्कि उनके भविष्य के अवसर भी बढ़ेंगे।
विधेयक की मुख्य विशेषताएं और कर्मचारियों को लाभ
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस निर्णय को कर्मचारियों के हितों को सशक्त करने वाला बताया है। इस नए कानून के लागू होने से निम्नलिखित बड़े बदलाव आएंगे:
- पदोन्नति कोटा में वृद्धि: ग्रुप-डी से क्लर्क के पद पर पदोन्नति के कोटे को 20% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया है। इससे अब अधिक संख्या में कर्मचारी उच्च पदों पर पहुँच सकेंगे।
- 5 साल की सेवा अनिवार्य: कॉमन कैडर के वे कर्मचारी जिन्होंने 5 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, वे अब क्लर्क बनने के पात्र होंगे।
- पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया: मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि पहले पदोन्नति के लिए कर्मचारियों को 10-15 साल तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी।
- अनुग्रह (Ex-gratia) कोटा: विधेयक में अनुग्रह के आधार पर नियुक्ति के लिए 5% आरक्षण का प्रावधान भी शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इस जानकारी को साझा करते हुए लिखा कि उनकी सरकार “अंत्योदय” की भावना से काम कर रही है। उन्होंने सदन में जोर देकर कहा कि इस विधेयक से प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी और कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा होगा। उनके अनुसार, कॉमन कैडर सिस्टम ने पहले ही अवसर की समानता सुनिश्चित की है, जिसे अब इस विधेयक के माध्यम से और अधिक मजबूती प्रदान की गई है।