Gold Silver Price Today: आज सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सोने का भाव 3,000 रुपये सस्ता, चांदी में भी बड़ी कमी। जानें आपके शहर में सोना-चांदी किस रेट पर बिक रहा है और निवेश के लिए सही समय कब है।
Gold Silver Price Today: मंगलवार, 17 मार्च को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों को चौंका दिया। सामान्य तौर पर भू-राजनीतिक तनाव के समय कीमती धातुएं सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) के रूप में मांग में बढ़ती हैं, लेकिन सोमवार को सोना और चांदी दोनों के दाम नीचे आ गए।
सोने की कीमतें: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का 10 ग्राम भाव लगभग 2,690-2,900 रुपये घटकर 1,55,566 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। शुरुआती कारोबार में गोल्ड वायदा 1.83% की गिरावट के साथ रिकॉर्ड किया गया।
चांदी का रुझान: चांदी में सोने से भी अधिक गिरावट देखी गई। 1 किलो चांदी के दाम 4,232-5,000 रुपये गिरकर 2.53-2.55 लाख रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। चांदी पर लगभग 2.11% का दबाव रहा।
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गिरावट के पीछे वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में यह उतार-चढ़ाव वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों से प्रभावित है। विशेष रूप से, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें इस गिरावट का मुख्य कारण हैं। तेल 100.15 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिससे महंगाई बढ़ने की संभावना बढ़ती है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर होती है।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई बढ़ती है, जिससे बैंकिंग लोन महंगे हो जाते हैं और निवेश की गतिविधियां धीमी पड़ जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप सोने और चांदी की डिमांड घट जाती है और बाजार में दाम गिर जाते हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे उतार-चढ़ाव वाले समय में जल्दबाजी में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट एक अवसर हो सकती है। एक्सपर्ट्स सुझाव देते हैं कि निवेशकों को धीरे-धीरे खरीदारी करनी चाहिए और पूरी राशि एक ही बार में निवेश न करें। उदाहरण के तौर पर, यदि कुल निवेश 1 लाख रुपये है, तो शुरुआत में 25,000 रुपये का निवेश करें और कीमतें गिरने पर धीरे-धीरे और निवेश करें।
विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि निवेशकों को सोने और चांदी की कीमतों पर प्रभाव डालने वाले वैश्विक कारकों जैसे कच्चे तेल की कीमत, महंगाई, और US फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नजर रखनी चाहिए।