ग्लोबल मार्केट्स में संभलकर बढ़त: क्रूड में गिरावट से महंगाई की चिंताएं घटीं, टेक नतीजों और सेंट्रल बैंक फैसलों पर नजर

ग्लोबल मार्केट्स में संभलकर बढ़त: क्रूड में गिरावट से महंगाई की चिंताएं घटीं, टेक नतीजों और सेंट्रल बैंक फैसलों पर नजर

 

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी। US Fed बैठक, बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसले और Apple-Microsoft नतीजों पर टिकी बाजार की नजर।

सप्ताह के पहले दिन सोमवार को वैश्विक शेयर बाजारों ने सतर्क प्रतिक्रिया दी है। गल्फ (खाड़ी क्षेत्र) में सैन्य संघर्ष में आई अस्थायी ढील से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे मुद्रास्फीति (Inflation) का दबाव कम हुआ है और बॉन्ड यील्ड में राहत मिली है। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब चालू सप्ताह में दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें और दिग्गज कंपनियों के तिमाही नतीजे (Earnings Reports) आने वाले हैं।

ईरान ने रविवार को बयान दिया कि जब तक संयुक्त राज्य अमेरिका हमले रोके रखेगा, तब तक वह भी अपनी तरफ से कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि, इसके बावजूद यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर तट पर सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रखे, जिससे दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री जलमार्गों पर खतरा बना हुआ है।

एनएबी (NAB) की ग्रुप चीफ इकोनॉमिस्ट सैली ओल्ड के अनुसार, वीकेंड के दौरान मध्य पूर्व में घटनाक्रम सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा है। यह संदेश साफ है कि कच्चे तेल के $100 प्रति बैरल से ऊपर जाने पर दोनों ही पक्ष पीछे हटने (De-escalation) को तरजीह देते हैं।

कच्चे तेल में 5% से ज्यादा की गिरावट: फेड रेट कट की बढ़ी संभावनाएं

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संघर्ष की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांट क्रूड (Brent Crude) 5.2% फिसलकर $91.73 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 5.4% टूटकर $84.45 पर ट्रेड करता दिखा।

तेल की कीमतों में आई इस बड़ी गिरावट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को महंगाई के झटके से राहत दी है। इसके कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर बाजार का दबाव थोड़ा कम हुआ है।

फेडरल रिजर्व की अहम बैठक बुधवार को होने जा रही है। बाजार में दरें बढ़ने की लगभग 33% संभावना जताई जा रही है, हालांकि अधिकांश विश्लेषकों को संदेह है कि फेड चेयरमैन केविन वारश (Kevin Warsh) किसी बढ़ोतरी के पक्ष में होंगे।

गोल्डमैन सैक्स के विश्लेषकों का मानना है कि हाल के नरम महंगाई आंकड़ों (June Inflation Data) के बाद फेड के अधिकतर सदस्य इस हफ्ते दरों में बढ़ोतरी का दबाव नहीं बनाएंगे, हालांकि बोर्ड में मतभेद की संभावना बनी हुई है। इसी हफ्ते गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान की भी नीतियां सामने आएंगी, जहां दरों को स्थिर रखने का अनुमान है।

टेक अर्निंग्स और बड़ी कंपनियों के नतीजे करेंगे बाजार की दिशा तय

क्रूड ऑयल और बॉन्ड यील्ड में गिरावट से शेयर बाजारों में तेजी देखी गई। अमेरिका में S&P 500 फ्यूचर्स 0.7% चढ़े, जबकि नैस्डैक फ्यूचर्स (Nasdaq Futures) में 1.1% की जोरदार बढ़त दर्ज की गई। यूरोप में यूरोस्टॉक्स 50 फ्यूचर्स 0.4% और जर्मन DAX 0.6% उछले।

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। चीन के ब्लू-चिप इंडेक्स में 0.4% की तेजी रही, जिसकी मुख्य वजह चिपमेकर कंपनी CXMT Corp का शंघाई मार्केट में ऐतिहासिक डेब्यू रहा। $8.6 बिलियन के इस साल के एशिया के सबसे बड़े आईपीओ के बाद कंपनी के शेयर 470% तक उछल गए।

चालू सप्ताह में S&P 500 की लगभग एक-तिहाई कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। डेटा के अनुसार, इस तिमाही कंपनियों की आय में 26.5% की सालाना वृद्धि का अनुमान है। बाजार का पूरा ध्यान प्रमुख टेक दिग्गजों पर रहेगा:

  • माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft)
  • मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms)
  • अमेज़न (Amazon)
  • एप्पल (Apple)
  • क्वालकॉम (Qualcomm)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI Capital Expenditure) पर हो रहे भारी खर्च को लेकर निवेशकों के बीच सतर्कता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए Nvidia और OpenAI के बीच लगभग $250 बिलियन की डील पर बातचीत जारी है।

आर्थिक आंकड़े और ग्लोबल करेंसी मार्केट का हाल

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा अमेरिकी बॉन्ड मार्केट को मिला, जिससे 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4 आधार अंक गिरकर 4.63% पर आ गई और डॉलर इंडेक्स में नरमी देखी गई।

आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से, इस हफ्ते अमेरिका की दूसरी तिमाही (Q2) के एडवांस जीडीपी आंकड़े आने वाले हैं, जहां विकास दर 1.5% रहने की उम्मीद है। इसके अलावा जून पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स, पर्सनल इनकम, कंज्यूमर सेंटीमेंट और बेरोजगारी के आंकड़े भी जारी होंगे। वहीं यूरो ज़ोन से Q2 जीडीपी, महंगाई और बेरोजगारी के आंकड़े बाजार की चाल तय करेंगे।

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