गिफ्ट निफ्टी में हल्की गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार की सपाट शुरुआत के संकेत हैं। सेबी के नए Closing Auction Session के दूसरे दिन और वैश्विक संकेतों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सपाट या हल्की गिरावट के साथ होने के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती कारोबार से पहले गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) करीब 24,644 अंक पर कारोबार करता दिखाई दिया, जो लगभग 21 अंक या 0.09 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी की शुरुआत सीमित दायरे में हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल घरेलू और वैश्विक दोनों संकेतों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में शुरुआती कारोबार में उतार-चढ़ाव सीमित रह सकता है।
सेबी के नए Closing Auction Session का दूसरा दिन
मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा शुरू किए गए Closing Auction Session (CAS) के दूसरे दिन के रूप में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) श्रेणी के शेयरों के लिए लागू की गई है।
इस नए सिस्टम का उद्देश्य बाजार बंद होने के समय शेयरों की कीमतों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इससे बाजार में मूल्य निर्धारण (Price Discovery) बेहतर होगा और अंतिम समय में होने वाली अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, बाजार सहभागियों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि नए नियमों का ट्रेडिंग वॉल्यूम और निवेशकों की रणनीति पर क्या असर पड़ता है।
वैश्विक संकेतों से निवेशकों को राहत
वैश्विक स्तर पर फिलहाल निवेशकों की चिंता कुछ हद तक कम होती दिखाई दे रही है। इसका प्रमुख कारण मध्य पूर्व में तनाव को लेकर सकारात्मक संकेत हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, जिससे क्षेत्र में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका कम हुई है।
इस बयान के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में राहत का माहौल देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान बेहतर हुआ है, जिसका सकारात्मक असर एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी पड़ सकता है।
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता
शेयर बाजार के लिए एक और राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हाल के दिनों की तेज गिरावट के बाद अब स्थिरता देखने को मिल रही है।
भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए कच्चे तेल की नियंत्रित कीमतें काफी महत्वपूर्ण होती हैं। इससे आयात बिल पर दबाव कम होता है, महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है और कंपनियों की लागत भी संतुलित रहती है। यही कारण है कि तेल की कीमतों में स्थिरता को भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम पर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर केवल घरेलू आर्थिक संकेतकों पर ही नहीं, बल्कि वैश्विक घटनाक्रम पर भी बनी रहेगी। अमेरिका की मौद्रिक नीति, डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम बनी रहती है और आर्थिक आंकड़े सकारात्मक आते हैं, तो भारतीय बाजार को भी इसका लाभ मिल सकता है।
घरेलू निवेशकों का भरोसा बरकरार
हाल के महीनों में भारतीय शेयर बाजार में घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली है। म्यूचुअल फंड के माध्यम से लगातार निवेश और खुदरा निवेशकों की बढ़ती संख्या ने बाजार को मजबूती दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू निवेशकों का भरोसा भारतीय बाजार को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
किन सेक्टरों पर रहेगी नजर?
मंगलवार के कारोबार में बैंकिंग, आईटी, ऑटो, ऊर्जा और एफएमसीजी सेक्टरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। इसके अलावा, F&O शेयरों में Closing Auction Session के दूसरे दिन के प्रभाव को भी बाजार बारीकी से देखेगा।
यदि वैश्विक संकेत सकारात्मक बने रहते हैं, तो दिन के दूसरे हिस्से में बाजार में खरीदारी बढ़ सकती है। वहीं किसी भी नकारात्मक अंतरराष्ट्रीय खबर का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ सकता है।
संतुलित रणनीति अपनाने की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए। वैश्विक घटनाओं और घरेलू नियामकीय बदलावों के बीच संतुलित निवेश रणनीति अपनाना अधिक उपयुक्त रहेगा।
फिलहाल गिफ्ट निफ्टी के संकेत बताते हैं कि भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भले ही सपाट रहे, लेकिन दिनभर के कारोबार की दिशा वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और सेबी के नए Closing Auction Session के प्रभाव पर काफी हद तक निर्भर करेगी।