मुख्य कोच गौतम गंभीर के सपोर्ट स्टाफ में बड़े बदलाव की तैयारी है। टीम इंडिया के एक वरिष्ठ कोच अनुबंध खत्म होने से पहले ही पद छोड़ सकते हैं, जिनकी एक बड़ी आईपीएल फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत चल रही है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और टीम इंडिया के भीतर इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मैदान पर मिल रही लगातार हार के बीच अब ड्रेसिंग रूम और बैकस्टेज से भी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग सेटअप में बहुत जल्द एक बड़ा फेरबदल (Reshuffle) देखने को मिल सकता है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी स्टाफ (Support Staff) के एक वरिष्ठ और बेहद महत्वपूर्ण सदस्य अपना अनुबंध (Contract) समय से पहले ही खत्म कर टीम का साथ छोड़ सकते हैं।
‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वरिष्ठ कोच के जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं, उन्होंने पहले ही एक नामी आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी के साथ बातचीत शुरू कर दी है, जो दुनिया भर की कई टी20 लीग्स में अपनी टीमें संचालित करती है। इसके साथ ही, गंभीर के सपोर्ट स्टाफ के एक अन्य सदस्य का भविष्य भी इस समय अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है।
हालिया हार का नतीजा नहीं, महीनों से पक रही थी खिचड़ी
शुरुआती रिपोर्ट्स में यह कयास लगाए जा रहे थे कि यह संभावित बदलाव आयरलैंड और इंग्लैंड के दौरों पर भारतीय टीम के बेहद निराशाजनक प्रदर्शन की प्रतिक्रिया है। वर्तमान में श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम इंग्लैंड में लगातार छह मैचों से जीत का स्वाद चखने के लिए तरस रही है और टीम बैक-टू-बैक सीरीज हार चुकी है।
हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि सपोर्ट स्टाफ में बदलाव की यह स्क्रिप्ट हालिया शर्मनाक हार के बाद नहीं लिखी गई है, बल्कि यह अंदरूनी घटनाक्रम पिछले कई महीनों से धीरे-धीरे आकार ले रहा था। यह फैसला पूरी तरह से व्यक्तिगत और रणनीतिक कारणों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
गंभीर की ‘पसंदीदा तिकड़ी’ और टीम में पहला बड़ा बदलाव
जुलाई 2024 में जब गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच का पदभार संभाला था, तब उन्होंने अपनी पसंद की एक मजबूत बैकूम टीम तैयार की थी। उन्होंने रेयान टेन डोएशचेट और अभिषेक नायर को सहायक कोच (Assistant Coaches) के रूप में शामिल किया था, जिसके बाद बांग्लादेश टेस्ट सीरीज से ठीक पहले मोर्ने मोर्कल बतौर गेंदबाजी कोच इस सेटअप का हिस्सा बने थे। इन तीनों ही दिग्गजों ने बीसीसीआई के साथ दो साल का अनुबंध किया था, जिसमें प्रदर्शन के आधार पर एक साल के विस्तार (Extension) का विकल्प भी शामिल था।
उस समय इन नियुक्तियों को पूरी तरह से गंभीर की व्यक्तिगत पसंद माना गया था, क्योंकि इन सभी ने आईपीएल में गंभीर के साथ काम किया था। हालांकि, यह सफर बहुत लंबा नहीं चल सका। साल 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारत की हार के बाद अभिषेक नायर को उनके पद से बर्खास्त (Sacked) कर दिया गया था, जिसके बाद सितांशु कोटक को टीम का नया बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया गया था।
वीवीएस लक्ष्मण की एंट्री और बीसीसीआई का बैकअप प्लान
सपोर्ट स्टाफ के भीतर मचे इस घमासान के बीच बीसीसीआई (BCCI) के कुछ हालिया फैसलों ने भी इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। बोर्ड ने आगामी जिम्बाब्वे दौरे और एशियन गेम्स (Asian Games) अभियान के लिए गौतम गंभीर के पूर्णकालिक कोचिंग स्टाफ को भेजने के बजाय नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को टीम की कमान सौंपने का फैसला किया है।
इसके साथ ही, टीम इंडिया के साथ पूर्व स्पिनर साईराज बहुतुले की लगातार मौजूदगी ने भी क्रिकेट पंडितों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बीसीसीआई पहले से ही गंभीर के समानांतर एक नए और पूरी तरह से बदले हुए कोचिंग ढांचे (Revamped Coaching Structure) पर काम करना शुरू कर चुका है।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले पूरी तरह बदल जाएगा बैकूम स्टाफ
हालांकि, यह साफ किया गया है कि इंग्लैंड का मौजूदा सीमित ओवरों का दौरा खत्म होने के बाद बीसीसीआई एक बड़ी समीक्षा बैठक (Review Meeting) आयोजित करने जा रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य फोकस केवल टीम के खराब प्रदर्शन और रणनीतियों पर होगा, न कि किसी स्टाफ को हटाने या रखने पर।
इसके बावजूद, जिस तरह से वर्तमान सहयोगी स्टाफ के भीतर अनिश्चितता और असंतोष का माहौल बना हुआ है, उससे यह साफ है कि श्रीलंका के खिलाफ होने वाली आगामी टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया का बैकूम पूरी तरह से एक नए अवतार में नजर आ सकता है। वरिष्ठ सदस्यों के जाने से बनने वाली जगह को भरने के लिए कुछ नए और फ्रेश चेहरों को गंभीर की टीम में शामिल किया जा सकता है।