दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा अब आबकारी नीति मामले की सुनवाई नहीं करेंगी। अरविंद केजरीवाल ने X पर इसे गांधी जी के सत्याग्रह की जीत बताया।
दिल्ली आबकारी नीति (Excise Policy) मामले में एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा अब इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगी। यह मामला अब दूसरी पीठ (Bench) के पास स्थानांतरित कर दिया गया है। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद, आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “सत्य की जीत” करार दिया है।
न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने खुद को सुनवाई से किया अलग
सत्य की जीत हुई।
गांधी जी के सत्याग्रह की एक बार फिर जीत हुई।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 14, 2026
जानकारी के अनुसार, न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने आबकारी नीति मामले से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। अब नियमों के अनुसार, इस मामले को मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाएगा, जो इसे किसी अन्य पीठ को आवंटित करेंगे। कानून की दुनिया में इसे ‘Recusal’ कहा जाता है, जो अक्सर हितों के टकराव या अन्य न्यायिक कारणों से होता है।
अरविंद केजरीवाल का ‘X’ पोस्ट: “गांधी जी के सत्याग्रह की जीत”
इस खबर के सार्वजनिक होने के तुरंत बाद अरविंद केजरीवाल ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने अपने आधिकारिक X हैंडल पर लिखा:
“सत्य की जीत हुई। गांधी जी के सत्याग्रह की एक बार फिर जीत हुई। सत्य की जीत हुई।”
केजरीवाल और आम आदमी पार्टी लंबे समय से इस मामले को “राजनीतिक प्रतिशोध” बताते आए हैं। केजरीवाल का यह बयान दर्शाता है कि वे इस न्यायिक बदलाव को अपनी नैतिक और कानूनी स्थिति की मजबूती के रूप में देख रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
दिल्ली आबकारी नीति मामला 2021-22 से संबंधित है, जिसमें ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) ने कथित भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। इस मामले में अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कई शीर्ष नेता कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। पीठ के बदलने से अब सुनवाई की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होने की संभावना है।