अंडे हुए महंगे तो टेंशन नहीं! प्रोटीन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 सस्ते और हेल्दी विकल्प

अंडे हुए महंगे तो टेंशन नहीं! प्रोटीन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 सस्ते और हेल्दी विकल्प

 

भारत में अंडों की कीमत बढ़ने के बीच रोजाना प्रोटीन के लिए दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, दूध, दही और मूंगफली जैसे किफायती विकल्प डाइट में शामिल कर सकते हैं।

भारत में लंबे समय से अंडे को प्रोटीन का एक सस्ता, आसान और सुविधाजनक स्रोत माना जाता रहा है। नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, बड़ी संख्या में लोग अपनी रोजाना की डाइट में अंडे को शामिल करते हैं। लेकिन हाल के दिनों में अंडों की कीमतों में बढ़ोतरी ने बजट को प्रभावित किया है। अगस्त में अंडों की कीमतें पिछले वर्षों की तुलना में करीब 35 से 40 प्रतिशत तक बढ़ने की बात सामने आई है। ऐसे में अगर आप रोजाना पर्याप्त प्रोटीन लेना चाहते हैं तो हर भोजन के लिए अंडों पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। भारतीय रसोई में मौजूद कई ऐसी चीजें हैं जो प्रोटीन का अच्छा स्रोत हो सकती हैं और जिन्हें अपेक्षाकृत कम कीमत में डाइट में शामिल किया जा सकता है। दालों से लेकर चना, सोयाबीन, मूंगफली और दूध-दही तक कई विकल्प रोजाना के भोजन को पौष्टिक बनाने में मदद कर सकते हैं।

अंडों की कीमत क्यों बढ़ रही है?

अंडों की कीमत में बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हो सकते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में पोल्ट्री फीड की बढ़ती लागत को प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। पोल्ट्री फार्मिंग में मुर्गियों के चारे की लागत उत्पादन खर्च का बड़ा हिस्सा होती है। मक्के का इस्तेमाल पोल्ट्री फीड में महत्वपूर्ण रूप से किया जाता है और मक्के की उपलब्धता तथा कीमत में बदलाव का असर सीधे अंडों की लागत पर पड़ सकता है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारत में मक्के के उत्पादन का करीब 37 प्रतिशत हिस्सा इस समय एथनॉल उत्पादन से जुड़ी डिस्टिलरी में जा रहा है। इससे पोल्ट्री किसानों के लिए मक्के की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और चारे की लागत बढ़ सकती है। बढ़ी हुई उत्पादन लागत का असर आगे चलकर अंडों की कीमत पर दिखाई देता है।

दालें हैं आसान और किफायती विकल्प

अगर अंडों की कीमत आपके बजट पर असर डाल रही है तो रोजाना की डाइट में दालों की मात्रा बढ़ाना एक आसान विकल्प हो सकता है। अरहर, मसूर, मूंग, उड़द और चना दाल जैसी चीजों में प्रोटीन के साथ फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें दाल, खिचड़ी, सूप या सब्जी के रूप में भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। अलग-अलग दालों को बदल-बदलकर खाने से डाइट में विविधता भी बनी रहती है। हालांकि, केवल एक खाद्य पदार्थ को प्रोटीन का एकमात्र स्रोत बनाने के बजाय अलग-अलग स्रोतों को भोजन में शामिल करना बेहतर रहता है।

चना और राजमा भी अच्छे विकल्प

काला चना, सफेद चना और राजमा भी भारतीय भोजन में आसानी से शामिल किए जा सकते हैं। इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है, जिससे भोजन ज्यादा संतोषजनक हो सकता है। चने को उबालकर सलाद के रूप में, चना चाट के तौर पर या सब्जी बनाकर खाया जा सकता है। राजमा को चावल के साथ खाना भी भारतीय घरों में काफी लोकप्रिय है। अगर आप मांसाहारी भोजन नहीं करते हैं, तो दालों और फलियों को अपनी नियमित डाइट का हिस्सा बनाना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने की दिशा में उपयोगी हो सकता है।

सोयाबीन और टोफू पर करें विचार

शाकाहारी लोगों के लिए सोयाबीन और सोया से बने खाद्य पदार्थ भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। सोयाबीन को सब्जी, करी या अन्य व्यंजनों में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं टोफू को सब्जी, सलाद या स्टर-फ्राई के रूप में खाया जा सकता है। इन विकल्पों को अपनी डाइट में शामिल करने से भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, किसी भी पैकेज्ड या प्रोसेस्ड सोया उत्पाद को खरीदते समय उसके पोषण लेबल को देखना उपयोगी होता है।

दूध और दही से भी मिलेगा प्रोटीन

अगर आप डेयरी उत्पाद लेते हैं तो दूध, दही और पनीर भी डाइट में प्रोटीन जोड़ने के विकल्प हो सकते हैं। दूध को नाश्ते में लिया जा सकता है, जबकि दही को भोजन के साथ या स्नैक के रूप में शामिल किया जा सकता है। पनीर को सब्जी, भुर्जी या सलाद में इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, पनीर में वसा और कैलोरी की मात्रा भी हो सकती है, इसलिए अपनी कुल डाइट और जरूरत के अनुसार मात्रा तय करना बेहतर है।

मूंगफली और बीजों को न भूलें

मूंगफली एक अपेक्षाकृत सस्ता खाद्य पदार्थ है जिसमें प्रोटीन के साथ हेल्दी फैट्स भी पाए जाते हैं। इसे भुना हुआ स्नैक, चटनी या पोहा और सलाद में मिलाकर खाया जा सकता है। इसके अलावा कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज, तिल और अलसी जैसे बीज भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। हालांकि, इनमें कैलोरी अधिक हो सकती है, इसलिए इनका सेवन संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

प्रोटीन के लिए सिर्फ अंडे पर निर्भर रहना जरूरी नहीं

अंडे पौष्टिक और सुविधाजनक हैं, लेकिन वे प्रोटीन का एकमात्र स्रोत नहीं हैं। अगर कीमत बढ़ने के कारण अंडों की खरीदारी कम करनी पड़ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। भारतीय भोजन में पहले से मौजूद दाल, चना, राजमा, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थों से प्रोटीन लिया जा सकता है। अलग-अलग खाद्य पदार्थों को संतुलित तरीके से डाइट में शामिल करने से भोजन अधिक विविध और पौष्टिक बनाया जा सकता है।

हालांकि, हर व्यक्ति की प्रोटीन जरूरत उसकी उम्र, शरीर, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी खास बीमारी, गर्भावस्था या विशेष डाइट की जरूरत होने पर डाइट में बड़ा बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटीशियन की सलाह लेना बेहतर है। कुल मिलाकर, अंडों की बढ़ती कीमत के बीच भी रोजाना प्रोटीन की जरूरत पूरी करने के कई किफायती रास्ते मौजूद हैं, बस अपनी थाली में प्रोटीन के अलग-अलग स्रोतों को जगह देने की जरूरत है।

 

 

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