E20 के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल को रोकने का आरोप लगाते हुए अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। 1 अगस्त को संविधान क्लब में टाउनहॉल प्रस्तावित है।
E20 ईंधन नीति को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि E20 के खिलाफ आयोजित होने वाले नेशनल टाउनहॉल को रोकने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
E20 नीति के खिलाफ नेशनल टाउनहॉल
अरविंद केजरीवाल ने E20 को लेकर केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ लोगों से नेशनल टाउनहॉल में शामिल होने की अपील की है। उनके मुताबिक, यह कार्यक्रम E20 से जुड़े मुद्दों और इसके कथित प्रभावों को लेकर जनता की चिंताओं को सामने रखने का मंच होगा।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के जरिए इस कार्यक्रम को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे जनता के हितों से जुड़े मुद्दे पर आवाज उठाने से रोकने का प्रयास बताया।
‘जनता को चुप नहीं कराया जा सकता’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पुलिस के जरिए कार्यक्रम को रोकने की कोशिश के बावजूद लोग अपनी आवाज उठाना जारी रखेंगे। उन्होंने जनता से E20 नीति के खिलाफ आयोजित टाउनहॉल से जुड़ने और इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए जनता की आवाज को दबाना संभव नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से लोगों को अपने सवाल उठाने का अधिकार है।
1 अगस्त को संविधान क्लब में कार्यक्रम
आप द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E20 का आयोजन 1 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे नई दिल्ली स्थित संविधान क्लब में प्रस्तावित है। कार्यक्रम में E20 नीति को लेकर चर्चा किए जाने की बात कही गई है।
जो लोग कार्यक्रम में ऑनलाइन जुड़ना चाहते हैं, उनके लिए आयोजकों की ओर से WhatsApp के माध्यम से जुड़ने की सुविधा भी साझा की गई है।
E20 पर सियासत तेज
E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक बहस तेज होती जा रही है। E20 में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रण का प्रावधान है। विपक्ष इस नीति को लेकर वाहन मालिकों, ईंधन की गुणवत्ता और पुराने वाहनों पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दे उठा रहा है। वहीं, सरकार की ओर से इथेनॉल मिश्रण को ऊर्जा सुरक्षा और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया जाता रहा है।
E20 को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल का यह बयान इस मुद्दे को एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला सकता है।